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18-Mar-2026 06:46 PM
By First Bihar
PATNA: राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर पटना से आ रही है। सरकार ने तीन अंचलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हड़ताल पर रहने और सरकार के खिलाफ प्रचार-प्रसार करने के आरोप में पटना के पूर्व सीओ जितेंद्र कुमार पांडेय, पटना सदर के अंचलाधिकारी रजनीकांत और पूर्वी चंपारण के घोड़ासन के सीओ आनंद कुमार पर कार्रवाई की गयी है। इन तीनों को सस्पेंड किया गया है।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि हड़ताल और सरकारी आदेशों के खिलाफ प्रचार-प्रसार करना निंदनीय है, विशेषकर ऐसे समय में जब जनगणना का कार्य 17 अप्रैल से शुरू हो रहा है। ऐसे प्रयासों से सरकारी कामकाज बाधित हो रहा है और लोगों में भ्रम तथा उत्तेजना फैल रही है।
कुछ अधिकारी जिन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हैं, वे भी वर्तमान राजस्व सेवा अधिकारियों को भड़काने में भूमिका निभा रहे हैं। सरकार ने इस प्रकार के सार्वजनिक वक्तव्यों और अराजक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है।
अधिकारियों के इस प्रकार के आचरण और कामकाज में व्यवधान उत्पन्न करने की घटनाओं की विस्तृत जांच कर निर्णय लिया जाएगा। राज्य सरकार ने कहा कि ऐसे प्रयासों से सरकारी कामकाज प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी कि जितने कार्यरत कर्मचारी हैं उनमें 50 प्रतिशत लोग काम कर रहे हैं। यह रिपोर्ट एडीएम ने भेजा है। इसके बावजूद इस तरह का बयान देकर सरकार के आदेश को झुठलाने का और बरगलाने का जिसने हिमाकत की है ऐसे लोग सरकार सेवक के योग्य नहीं है। जो भी गलत बयानी करेगा तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित करेंगे। मैंने एक बार नहीं कई बार वापस आने को कहा लेकिन ये लोग मेरी बात को भी अनसुना कर दिया। जनता की समस्या का समाधान करने के बजाय ये प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे थे।
इन लोगों को जनता के सामने जबाव देना पड़ेगा। अगर ये मार्च क्लोजिंग के अंदर योगदान नहीं देते हैं तो ऐसे अधिकारियों को फिल्ड में काम करने के योग्य नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि मांग रखने का और कई तरीका है आकर पहले मिलते। बिना मिले बिना बात किये आप प्रेस मीडिया में चले गये हड़ताल कर दिये और जो लोग काम पर लौट गये है उनको आप काम करने से रोकने का वातावरण बना रहे हैं। ये सब एक साजिश के तहत किया जा रहा है। जो लोग यह साजिश रच रहे हैं उनको हम छोड़ेंगे नहीं। भ्रष्ट अधिकारियों पर सरकार की कोई सहानुभूति नहीं होगी। ऐसे मानसिकता के लोग जो जनता के हित में काम नहीं करेंगे तो उनको सरकार की सहानुभूति कैसे मिलेगी।
विजय कुमार सिन्हा ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया कि इस तरह के मानसिकता के लोगों के सेवा इतिहास की जानकारी हासिल की जाएगी। इस तरह के लोग हड़ताल के नाम पर अराजकता उत्पन्न करना चाह रहे हैं। महेन्द्र पाल अध्यक्ष, मोना झा और नवाजी सदस्य होंगे। इनके जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जो काम पर आना चाहेंगे उनको भी काम करने का मौका मिलेगा। जो त्यागपत्र दे चुके हैं वो भी राजनीति कर रहे हैं। सरकारी सेवा में बाधा उत्पन्न करने का खडयंत्र कर रहे हैं। ये लोग सरकार के विरुद्ध उतेजना बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। पूर्व अंचलाधिकारी पटना सदर वर्तमान में ये अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी अररिया, रजनीकांत अंचल पदाधिकारी पटना सदर, आनंद कुमार अंचलाधिकारी घोड़ासहन पूर्वी चंपारण को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय इनका स्थान निर्धारित करते हैं।
पटना से सिद्धि सिंह की रिपोर्ट