Bihar Railway : बिहार के इस जिले को मिली बड़ी सौगात, 137 KM नई रेल लाइन से जुड़ेगा शहर , 621 करोड़ की परियोजना से बदलेगी अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी! BIHAR POLICE : “पुलिस ने मारा” की अफवाह… और फिर तांडव, छीनी SLR राइफल ! CCTV से सामने आया सच, जानिए फलका थाना कांड ममाले का क्या है असली कहानी Bihar Politics : इस्तीफे से पहले बड़ा दांव! दिल्ली में इस दिन नीतीश कुमार की हाई लेवल मीटिंग, क्या इस बैठक में तय होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री ? BIHAR NEWS : ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में 12 साल के छात्र की रहस्यमयी मौत, परिजनों ने कहा- ये हादसा नहीं हत्या BIHAR POLICE : बिहार पुलिस अब होगी और ताकतवर, करोड़ों की लागत से खरीदी जाएंगी 4000 आधुनिक पिस्टल; क्या इससे अपराध पर लगेगा लगाम? Bihar News : अब गांव में ही होगी ग्रेजुएशन! बिहार के 215 प्रखंडों में खुलेंगे नए कॉलेज, इतने सीटों पर होगा एडमिशन Bihar Politics : खरमास खत्म होते ही बिहार को मिलेगा नया CM! सूबे में कौन बनेगा नया मुख्यमंत्री? इस दिन इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार BIHAR NEWS : वाल्मीकि नगर के दौरे पर होंगे नीतीश कुमार, विकास योजनाओं की होगी समीक्षा; क्या मिलेंगे नए प्रोजेक्ट्स? पढ़ें पूरी खबर Bihar weather : बिहार में 4 दिन का तूफानी अलर्ट! आंधी-बारिश से मचेगा मौसम का कहर मोतिहारी जहरीली शराबकांड में अब तक 8 लोगों की मौत, मैथनॉल वाली दारू पीने से गई जान!
12-Feb-2026 11:44 AM
By First Bihar
REVENUE DEPARMENT UPDATE: बिहार में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री से जुड़ा एक अहम बदलाव लागू किया गया है। अब 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा। यह नियम पूरे राज्य में प्रभावी है और जमीन, प्लॉट, मकान, फ्लैट या दुकान जैसे सभी अचल संपत्तियों पर लागू होगा।
पहले पैन कार्ड की अनिवार्यता अधिक राशि पर लागू थी, लेकिन अब सीमा घटाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों को भी इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा।
क्या है नया प्रावधान?
यदि कोई भी व्यक्ति 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदता या बेचता है, तो रजिस्ट्री के समय खरीदार और विक्रेता दोनों को अपना पैन कार्ड विवरण देना होगा। रजिस्ट्री कार्यालय में दस्तावेज जमा करते समय पैन नंबर दर्ज किया जाएगा। बिना पैन कार्ड या वैकल्पिक दस्तावेज के इतनी बड़ी राशि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।
पैन कार्ड नहीं होने पर क्या विकल्प है?
जिन लोगों के पास पैन कार्ड उपलब्ध नहीं है, वे आयकर विभाग का फॉर्म-60 या फॉर्म-61 भर सकते हैं। इस फॉर्म के माध्यम से व्यक्ति यह घोषणा करता है कि उसके पास पैन कार्ड नहीं है, लेकिन उसका लेन-देन विधिवत दर्ज किया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए पैन कार्ड बनवा लेना बेहतर है, क्योंकि अधिकांश वित्तीय कार्यों में इसकी आवश्यकता होती है।
सरकार ने यह निर्णय क्यों लिया?
इस कदम का मुख्य उद्देश्य संपत्ति के बड़े लेन-देन में पारदर्शिता लाना है। कई मामलों में संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाई जाती थी या गलत जानकारी दी जाती थी। पैन कार्ड अनिवार्य होने से ऐसे लेन-देन का रिकॉर्ड आयकर विभाग के पास उपलब्ध रहेगा, जिससे टैक्स चोरी, बेनामी संपत्ति और फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस नियम का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के खरीदार, छोटे निवेशक और मध्यम वर्गीय परिवारों को अब रजिस्ट्री से पहले अपने दस्तावेज पूरी तरह तैयार रखने होंगे। यदि पैन कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में त्रुटि है, तो उसे पहले ठीक कराना जरूरी होगा।
नियम का पालन नहीं करने पर क्या होगा?
यदि 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पैन कार्ड या फॉर्म-60/61 जमा नहीं किया जाता है, तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोकी जा सकती है। साथ ही भविष्य में आयकर विभाग द्वारा जांच की संभावना भी बन सकती है। इसलिए नियमों का पालन करना जरूरी है।
रजिस्ट्री से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
रजिस्ट्री कराने से पहले पैन कार्ड की प्रति तैयार रखें। आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र भी साथ रखें। संपत्ति के कागजातों की अच्छी तरह जांच कर लें। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें। आवश्यकता हो तो कानूनी सलाह भी ले सकते हैं।