ब्रेकिंग न्यूज़

वैशाली में चलती कार से अपहरण, स्कॉर्पियो सवार बदमाश फरार पटना के रामकृष्णा नगर में बड़ी कार्रवाई: 25 KG ड्रग्स के साथ दो धंधेबाज गिरफ्तार सुपौल में ‘पनोरमा स्टार 2026’ का भव्य आयोजन, बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय होंगे शामिल वैशाली में दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबने से दो बच्चियों की मौत Graduation Day Celebration: नन्हे कदमों से नई उड़ान, सपनों के आकाश की ओर पहला कदम पटना में होगा फर्स्ट बिहार-झारखंड का "आरोग्य एक्सीलेंस अवॉर्ड्स" 2026: समाज के लिए बेहतर काम करने वाले डॉक्टरों का होगा सम्मान GAYA: महाचक में रामनवमी शोभा यात्रा और शतचंडी महायज्ञ: आस्था, एकता और सेवा का अद्भुत संगम रामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक क्या खास दुआ लेकर बाबा केवल महाराज के दरबार पहुंचे मुकेश सहनी…? जानिए क्या बोले VIP प्रमुख रामनवमी जुलूस के दौरान अचानक होने लगी निशांत की सादगी की चर्चा, मंच पर खड़े सरदार जी को खुद कुर्सी पर बिठाने लगे सीएम के बेटे

Home / bihar / Bihar police news: पहले थाने में महिला की नहीं सुनी गई बात, फिर...

Bihar police news: पहले थाने में महिला की नहीं सुनी गई बात, फिर दर्ज की गई गलत लोगों पर FIR! अब थानेदार पर जुर्माने की सिफारिश

Bihar police news: जमीन पर कब्जे और मारपीट की शिकायत पर न सिर्फ कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि पुलिस ने गलत लोगों पर एफआईआर दर्ज कर दी। पीड़िता की शिकायत पर जब SHO ने जवाब नहीं दिया तो जिला लोक शिकायत निवारण में सिकायत कर दी |

04-May-2025 10:47 AM

By First Bihar

Bihar police news: बिहार पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मोतिहारी जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर कार्रवाई न करने और गलत लोगों पर एफआईआर दर्ज करने का गंभीर मामला सामने आया है। जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय ने इस मामले में थानाध्यक्ष (SHO) पर ₹5,000 के जुर्माने की अनुशंसा की है।


बता दे कि सरैया बरवा गांव की निवासी प्रभावती कुंवर ने थाने में शिकायत दी थी कि कुछ भू- माफियाओं ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। महिला ने पहाड़पुर थाने में दिए आवेदन में जिन लोगों के नाम बताए थे, उन पर केस दर्ज करने के बजाय SHO ने किसी और के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी  जिनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। 


महिला सिकयातकर्ता को जब इसकी जानकारी एफआईआर की प्रति मिलने के बाद हुई तो वह पूछताछ के लिए थाने गई, लेकिन वहां किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। इसके बाद महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई।


शिकायत की सुनवाई के दौरान कई बार SHO को नोटिस और समन भेजा गया, लेकिन वह एक बार भी उपस्थित नहीं हुए। यहां तक कि एसपी की ओर से भी SHO को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ। अब जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए SHO पर ₹5,000 का जुर्माना लगाने और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए एसपी व डीआईजी को पत्र भेजा है। यह मामला न सिर्फ पुलिस की लापरवाह कार्यशैली को उजागर करता है बल्कि न्याय प्रक्रिया में आम जनता की उपेक्षा का भी एक उदाहरण बन गया है।