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06-Jul-2025 07:52 AM
By First Bihar
Bihar Pink Bus: बिहार सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सितंबर 2025 से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में पिंक बस सेवा शुरू करने जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने मौजूदा 20 सीएनजी पिंक बसों की सफलता को देखते हुए 80 नई बसें मंगवाने का फैसला किया है। ये बसें अगस्त 2025 के अंत तक बिहार पहुंचेंगी, जिनमें से 35 बसें पटना में और शेष अन्य प्रमुख जिलों में चलाई जाएंगी। इन बसों में सेनेटरी पैड, मेडिकल किट, जीपीएस, पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पिंक बस परियोजना को पूरी तरह महिलाओं के माध्यम से संचालित करने की योजना है। इसके लिए बीएसआरटीसी ने पहले चरण में 500 महिला चालकों को प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। औरंगाबाद के ड्राइवर स्किल सेंटर में यह प्रशिक्षण होगा, ताकि महिलाएं भारी वाहन चालक लाइसेंस प्राप्त कर सकें। वर्तमान में बसों में महिला कंडक्टर और नोडल अधिकारी तैनात हैं, जो यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने बताया कि यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने और सुरक्षित परिवहन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वर्तमान में पिंक बस सेवा पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया और दरभंगा में चल रही है। मई 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 पिंक बसों को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की थी। पटना में आठ बसें सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक गांधी मैदान से दानापुर, कुरजी, एएन कॉलेज और राजापुर जैसे प्रमुख मार्गों पर चलती हैं। इन बसों में प्रतिदिन 1,500 से 2,000 महिलाएं और छात्राएं सफर कर रही हैं। किराया 6 से 25 रुपये तक है और छात्राओं के लिए 400 रुपये का मासिक पास भी उपलब्ध है।
नई बसों के शामिल होने से इस सेवा का विस्तार पूरे बिहार में होगा, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया है कि बसों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें भी लगाई जाएंगी, जो 5 रुपये में उपलब्ध होंगी। यह कदम महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। सरकार का लक्ष्य इस सेवा को और बेहतर बनाना है, ताकि बिहार की महिलाएं बिना किसी डर के आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर सकें।