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04-Jul-2025 06:09 PM
By First Bihar
Bihar News: सिवान जिले के प्रतापपुर डाकघर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डाकपाल राकेश कुमार यादव पर लंबे समय से कार्यालय में हाजिर हुए बिना वेतन लेने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासी मनोज कुमार सिन्हा ने इस मामले को उजागर करते हुए डाक निरीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। उनके अनुसार, राकेश यादव कई वर्षों से डाकघर में उपस्थित नहीं हैं, फिर भी उन्हें नियमित रूप से सरकारी वेतन मिल रहा है।
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि राकेश यादव ने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू कर दी है, लेकिन उनकी नियुक्ति प्रतापपुर डाकघर में अब भी दर्ज है। इतना ही नहीं, डाकघर के महत्वपूर्ण दस्तावेज और दैनिक लेखा-जोखा भी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपडेट किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि दस्तावेजों की विश्वसनीयता को भी संदिग्ध बनाती है।
मनोज सिन्हा ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसी लापरवाही से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और यह उन कर्मचारियों के साथ अन्याय है जो ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इस मामले ने स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना दिया है, क्योंकि डाक विभाग जैसी महत्वपूर्ण संस्था में इस तरह की अनियमितता चिंता का विषय है।
जब इस बारे में डाक निरीक्षक उमंग जैन से बात की गई, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, उनका यह संक्षिप्त जवाब विभाग की गंभीरता पर सवाल जरूर उठाता है। लोगों की उम्मीद है कि इस प्रकरण की गहन जांच होगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जा सकें।