Bihar Mahila Rojgar Yojana : महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त का ऐलान! 2 लाख जीविका दीदियों के खाते में इस दिन आएंगे 20-20 हजार रुपये अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
02-Jul-2025 08:39 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के औरंगाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहाँ 11 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद एक महिला को अपने प्रेमी से विश्वासघात का सामना करना पड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि उसने भरोसे में अपनी जमीन प्रेमी के नाम कर दी थी, लेकिन उसने न केवल जमीन अपने नाम करवाई, बल्कि उसे बेचकर फरार भी हो गया। इस धोखाधड़ी ने महिला को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है। अब वह न्याय की गुहार लगाने के लिए बिहार राज्य महिला आयोग के पास पहुँची है।
मंगलवार, 1 जुलाई को पटना में बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले की सुनवाई की है। पीड़िता ने अपने बयान और दस्तावेजों के साथ आयोग को पूरी घटना बताई है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जाँच के आदेश दिए और जाँच पूरी होने के बाद आरोपी प्रेमी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश जारी किया है।
उसी दिन आयोग ने इस मामले के साथ-साथ दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण और अन्य महिला उत्पीड़न से जुड़े 12 अन्य मामलों की सुनवाई भी की। कुल 13 केसों में से तीन दहेज उत्पीड़न से संबंधित थे। सभी पीड़िताओं को अगली सुनवाई की तारीख दी गई है, ताकि उनकी शिकायतों पर विस्तृत जाँच और कार्रवाई हो सके। आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पीड़िताओं को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिले, जिससे उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा हो सके।
ज्ञात हो कि बिहार राज्य महिला आयोग का पुनर्गठन 9 जून 2025 को हुआ था और तब से यह महिलाओं की समस्याओं को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पुनर्गठन के बाद से आयोग के पास रोज़ाना दर्जनों शिकायतें पहुँच रही हैं, जिनमें दहेज, घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।