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पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने की उम्मीद टूट रही, जानिए क्या है वजह

11-Apr-2021 07:20 AM

PATNA : बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर पेंच ऐसा फंसा है कि अब इसे समय पर कराए जाने को लेकर उम्मीद टूटती जा रही है। ईवीएम को लेकर भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच जिच बरकरार है और हाईकोर्ट में अब अगली सुनवाई 12 अप्रैल यानि सोमवार को होनी है। 19 फरवरी से हाईकोर्ट में यह मामला चल रहा है और पिछले 7 तारीखों में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। 


पंचायत चुनाव टलने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पंचायतों की वर्तमान कमिटियां 15 जून तक की प्रभावी रह पाएंगी। इसके पहले तक किसी भी हाल में चुनाव जरूरी है। पिछली बार आज से करीब डेढ़ महीने पहले यानी 25 फरवरी को ही चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। पहले चरण का मतदान भी 24 अप्रैल को करा लिया गया था लेकिन इस बार अभी तक के चुनाव की घोषणा नहीं हो पाई है। ईवीएम से बिहार में इस बार चुनाव कराए जाने हैं और इसी को लेकर पेंच फंस चुका है।


ईवीएम खरीद के लिए भारत निर्वाचन आयोग से एनओसी नहीं मिलने के कारण यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। 2 महीने से यह मामला अदालती चक्कर में भी फंसा हुआ है लेकिन अगर हाईकोर्ट का फैसला आ जाता है और दोनों आयोगों के बीच सहमति बन जाती है तब भी एक साथ 6 पदों पर चुनाव कराने के लिए ईवीएम का मॉडल तैयार करने में कंपनी को कम से कम एक महीने का वक्त लगेगा। इस लिहाज से देखा जाए तो मई के पहले हफ्ते तक ईवीएम तैयार होगा। यह संभावना भी तक जताई जा रही है जब कल यानी 12 अप्रैल को ईवीएम पर कोई सहमति बन जाए। ईवीएम बनाने वाली कंपनी अगर मई के पहले हफ्ते में इसे बनाकर दे दे तो भी इस हिसाब से मतदान के लिए प्रक्रिया को पूरा करने में जुलाई से अगस्त तक का वक्त लग जाएगा। यानी हर हाल में पंचायत चुनाव समय पर होते नहीं नजर आ रहे।