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Bihar land reform : अब नहीं लटकेगा जमीन का काम! जमीन विवादों पर सरकार सख्त, DCLR की बैठक में होगा कड़ा एक्शन; तय होगी जवाबदेही

पटना में आज भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की बड़ी बैठक हो रही है। सरकार जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे और पारदर्शिता को लेकर सख्त नजर आ रही है।

07-Apr-2026 11:10 AM

By First Bihar

Bihar land reform : बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के समाधान को लेकर सरकार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में आज यानी  7 अप्रैल को पटना में भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की है। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी। बैठक का आयोजन पुराने सचिवालय में किया जाएगा, जिसमें पूरे राज्य से संबंधित अधिकारी भाग लेंगे।


उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम लोगों को जमीन से जुड़े मामलों में त्वरित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण सेवा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, अपील वाद, राजस्व वसूली और लैंड बैंक से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।


बैठक में खास तौर पर लंबित मामलों के तेजी से निष्पादन पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें निर्देश दिया गया है कि हर हाल में निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का निपटारा करें। सरकार का मानना है कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी और भूमि विवादों में कमी आएगी।


मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में हड़ताल के कारण जिन नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों बनी रहे। नए अधिकारियों को जमीन से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की बेहतर समझ देने के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।


बैठक के पहले सत्र में प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा वित्तीय वर्ष के कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें विभिन्न जिलों के प्रदर्शन, लंबित मामलों की स्थिति और कार्य निष्पादन की समीक्षा की जाएगी। वहीं, दूसरे सत्र में तकनीकी और कौशल विकास पर विशेष मंथन होगा।


इस सत्र की एक खास बात यह है कि इसमें डीसीएलआर अधिकारियों का कोर्ट केस लिखने का टेस्ट भी लिया जाएगा। इस टेस्ट का उद्देश्य अधिकारियों के आदेशों की सटीकता और कानूनी समझ का मूल्यांकन करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि न्यायिक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की त्रुटि न हो और निर्णय मजबूत आधार पर लिए जाएं।


सभी डीसीएलआर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बैठक में लैपटॉप, डोंगल और पांच महत्वपूर्ण कोर्ट केस की विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित हों। इससे समीक्षा के दौरान मामलों की गहराई से जांच की जा सकेगी और मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा सकेंगे।


सरकार की इस पहल को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार आएगा, बल्कि आम जनता को भी भूमि से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद है।