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27-Feb-2026 11:12 AM
By First Bihar
Bihar Assembly : पटना स्थित बिहार विधान सभा में आज प्रश्नकाल के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ा एक अहम मुद्दा उठा। बेगूसराय से विधायक कुंदन कुमार ने राज्य सरकार से सवाल किया कि क्या बिहार के सभी अनुमंडल में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की स्थायी तैनाती की जाएगी? साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या गोताखोरों की संख्या में बढ़ोतरी की कोई योजना है, ताकि बाढ़ और जल दुर्घटनाओं के समय राहत एवं बचाव कार्य तेज और प्रभावी हो सके।
विधायक ने विशेष रूप से यह प्रश्न भी रखा कि क्या अनुमंडल (सब-डिवीजन) स्तर पर SDRF टीमों की नियुक्ति पर सरकार विचार कर रही है? उनका कहना था कि बिहार बाढ़, नाव हादसों और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्य है। ऐसे में यदि अनुमंडल स्तर पर भी टीमों की तैनाती हो जाए तो आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सकती है और जनहानि को कम किया जा सकता है।
इस पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जवाब देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल SDRF की तैनाती जिला स्तर पर की जाती है। अनुमंडल स्तर पर अलग से SDRF की बहाली या स्थायी नियुक्ति को लेकर अभी कोई प्रक्रिया संचालित नहीं है। उन्होंने कहा कि हर जिले में जिला पदाधिकारी (DM) अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकता के अनुसार आपदा से निपटने की व्यवस्था करते हैं।
मंत्री ने आगे जानकारी दी कि राज्य में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2010 में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तर्ज पर राज्य स्तर पर भी संरचना विकसित की गई। वर्तमान में कुल 26 टीमों का गठन किया गया है। इनमें से 23 टीमों को अलग-अलग जिलों में प्रतिनियुक्त किया गया है, जबकि तीन टीमों को रिजर्व रखा गया है। इन रिजर्व टीमों को आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रभावित जिले में भेजा जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में विशेष रूप से गोताखोरों और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाती है। हालांकि गोताखोरों की संख्या बढ़ाने के संबंध में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई, लेकिन सरकार लगातार आपदा प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
विधायक कुंदन कुमार ने सदन में कहा कि बिहार के कई अनुमंडल ऐसे हैं, जहां हर साल बाढ़ या जलभराव की स्थिति बनती है। ऐसे क्षेत्रों में अगर SDRF की टीम पास में उपलब्ध हो तो राहत कार्य में देरी नहीं होगी। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।
सदन में इस मुद्दे पर अन्य सदस्यों ने भी रुचि दिखाई और कहा कि बदलते जलवायु हालात के कारण आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है। ऐसे में जिला स्तर से नीचे भी आपदा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था होना समय की जरूरत है।
इसके बाद सरकार के तरफ से विजय चौधरी ने जवाब से फिलहाल यह स्पष्ट है कि SDRF की तैनाती फिलहाल जिला स्तर तक ही सीमित रहेगी और अनुमंडल स्तर पर बहाली को लेकर अभी कोई औपचारिक योजना नहीं है। हालांकि जरूरत के अनुसार रिजर्व टीमों को तैनात करने की व्यवस्था जारी रहेगी। इसके बाद धीरे -धीरे अनुमंडल में तैनाती की योजना तैयार की जाएगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि भविष्य में सरकार अनुमंडल स्तर पर भी SDRF जैसी विशेष टीमों की तैनाती पर विचार करती है या नहीं, क्योंकि राज्य में आपदा प्रबंधन को लेकर जनप्रतिनिधियों की चिंता लगातार बढ़ती नजर आ रही है।