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01-Jun-2025 11:52 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के भागलपुर जिला जो गंगा नदी के कारण दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जल्द ही एक विशाल रेल पुल से जुड़ने वाला है। करीब 26.23 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला-कटरिया न्यू डबल लाइन रेल पुल तीन साल के भीतर पूरा हो जाएगा, जिससे चार दशक से अधिक समय से लंबित कनेक्टिविटी का मुद्दा हल हो सकता है। यह पुल केवल आवाजाही का माध्यम नहीं होगा, बल्कि शैक्षणिक, कृषि, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक विकास के लिए भी नए द्वार खोलेगा।
यह रेल लाइन गुवाहाटी-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग से सीधे जुड़ने के साथ-साथ गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन के माध्यम से झारखंड के बड़े हिस्से से भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। भागलपुर शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर गंगा नदी पर बनने वाला यह पुल पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। छोटे उद्योगों के विकास के लिए बेहतर ढुलाई व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। किसान अपने उत्पादों को समय पर बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे और बेहतर मूल्य पा सकेंगे। केंद्रीय विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना इसी क्षेत्र में हो रही है, जिससे बाहरी छात्रों के लिए भी रेल सुविधाएं सुलभ होंगी।
गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि यह रेल पुल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के उत्खनन स्थल के करीब भवानीपुर स्टेशन बनने से पर्यटकों के लिए सुविधा बढ़ेगी। धार्मिक स्थल जैसे प्रसिद्ध शैव स्थल बटेश्वर स्थान पर सावन महीने में श्रद्धालुओं के आवागमन में भी यह पुल मददगार साबित होगा।
रेल पुल के निर्माण से खनन क्षेत्र में भी विस्तार होगा। एनटीपीसी के फ्लाई ऐश, झारखंड के पत्थर उद्योग, और ललमटिया के कोयला ट्रांसपोर्टेशन के लिए नए मार्ग खुलेंगे, जिससे दूरी कम और समय बचेगा। वर्तमान में गंगा पार करने के विकल्प सीमित हैं, लेकिन यह पुल नए विकल्प उपलब्ध कराएगा। विक्रमशिला-कटरिया डबल लाइन रेल पुल और गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन के बनने से बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदाओं में वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेन संचालन बाधित नहीं होगा। साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर मालगाड़ियों के दबाव में लगभग 50% की कमी आएगी। नार्थ-ईस्ट जाने वाली मालगाड़ियाँ अब भागलपुर से मुंगेर किऊल होकर गुजरेंगी।
इसके अलावा, कटरिया को मालदा मंडल से जोड़ने के लिए सबौर के पास वाई-लेग सेक्शन का निर्माण प्रस्तावित है। मार्च 2025 में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद के देउस्कर ने इस परियोजना का निरीक्षण किया था। रेल मंत्री ने भी इस मेगा ब्रिज परियोजना की जानकारी अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में साझा की थी। इस परियोजना से 95 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होगा। यह परियोजना न केवल रेल नेटवर्क को मजबूत बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देगी, जिससे भागलपुर सहित आसपास के इलाकों में समृद्धि और स्थिरता आएगी।