Bihar News: राज्य सरकार द्वारा पहले पीरपैंती में थर्मल पॉवर बनाने की योजना बनाई गई. लेकिन अब सरकार की ओर से बड़ी अपडेट दी गई है। सलाहकार मेसर्स जर्मी द्वारा पीरपैंती स्थल के लिए समर्पित विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार पीरपैंती की जमीन को सोलर पावर प्लांट के अधिष्ठापन के लिए उपयुक्त नहीं पाया जिसके बाद सरकार द्वारा यह बदलाव किया गया है।


भागलपुर में पीरपैंती थर्मल पॉवर बनाने के लिए बिहार राज्य सरकार ने सहमती जाहिर कर दी है। दरअसल राज्य सरकार ने 9 नवंबर 2021 को सौर ऊर्जा परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसे सरकार अधिग्रहित भूमि पर सौर उर्जा के स्थान पर ताप विधुत परियोजना के अधिष्ठान की सैद्धांतिक स्वीकृति दें दी गई हैं जिसमें 8 सौ मेगा वार्ड के 3 यूनिट बनाये जायेंगे। पीरपैंती के ताप विधुत परियोजना को तैयार करने के लिए 21400 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।


राज्य सरकार ने 9 नवंबर 2021 के सौर ऊर्जा परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई थी। सलाहकार मेसर्स जर्मी द्वारा पीरपैंती स्थल के लिए समर्पित विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार पीरपैंती की जमीन को सोलर पावर प्लांट के अधिष्ठापन के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया और आर्थिक रूप से भी सही नहीं बताया बताया गया। पीरपैंती स्थल के विस्तृत अध्ययन के बाद संभाव्यता रिपोर्ट को केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के आगे पेश कर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया। जिसके लिए नई दिल्ली में तीन बार बैठक कर विस्तृत चर्चा किया गया था।


उसके बाद मेसर्स डेसीन के द्वारा समर्पित संभाव्यता रिपोर्ट पर सचिव की अध्यक्षता में 3 जनवरी 2025 को हुई बैठक में पीरपैंती थर्मल पॉवर के जगह पर आठ सौ मेगावाट की तीन यूनिट ताप विद्युत परियोजना के अधिष्ठापन के लिए उपयुक्त पाई गई। बता दें कि पीरपैंती में 21 दिसंबर 2010 को केंद्रीय विधुत मंत्रालय द्वारा टैरिफ बेस्ड बिडिंग के तहत ताप विद्युत परियोजना की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार द्वारा पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था।  अब ताप विधुत परियोजना को स्थापित कर बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के क्रियान्वयन एजेंसी नामित करने का निर्णय लिया गया।