खगड़िया में गंगा कटाव रोकने के लिए लोगों ने किया उपवास, महिलाओं ने की गंगा मईया की पूजा बेगूसराय में संदिग्ध हालात में वृद्धा की मौत, परिजनों ने लगाया पीट-पीटकर हत्या का आरोप मुजफ्फरपुर में युवती की हत्या मामला, प्रेमी पर सिर में गोली मारने का आरोप, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की दे रहा था धमकी बेगूसराय में युवक की निर्मम हत्या, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला एसिड पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनात अरवल में गैस लीकेज से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त
25-Jan-2026 04:20 PM
By First Bihar
BETTIAH: बेतिया के नरकटियागंज में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आधी रात की गई छापेमारी में यह खुलासा हुआ कि जिस निजी अस्पताल को पहले ही सील किया जा चुका था, वह दोबारा संचालित हो रहा था। इस घटना ने विभागीय अधिकारियों को भी चौंका दिया है।
मामला नरकटियागंज स्थित बीनू सर्जिकेयर अस्पताल का है। 19 अक्टूबर को यहां एक प्रसूता की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। इसी दौरान दो यूट्यूबर्स के अपहरण की घटना सामने आई थी, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। इन घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर आवश्यक कार्रवाई पूरी की थी।
इसके बावजूद हाल के दिनों में विभाग को गुप्त सूचना मिली कि सील किया गया अस्पताल फिर से संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. संजीव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देर रात अचानक छापा मारा। छापेमारी के दौरान पाया गया कि अस्पताल की सील तोड़ दी गई थी और अंदर एक चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहा था। नियमों के खुले उल्लंघन पर प्रभारी उपाधीक्षक ने कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद चिकित्सक को फटकार लगाई। इसके बाद बीनू सर्जिकेयर को दोबारा सील कर दिया गया।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि सील होने के बावजूद अस्पताल इतने समय तक कैसे चलता रहा और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट