Bhuvneshwar Kumar: भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में लंबे समय बाद वापसी हुई। करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड दौरे पर लौटे भुवी ने गुरुवार को क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाली। शुरुआत में उनका प्रदर्शन बेहद किफायती रहा, लेकिन तीसरे ओवर में एक ऐसी गेंद हो गई, जिसने उनके लंबे और शानदार रिकॉर्ड पर पहली बार छोटा सा दाग लगा दिया।
भुवनेश्वर कुमार ने मैच में अपना पहला ओवर बेहद शानदार तरीके से किया। उनके ओवर में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज सिर्फ चार रन ही बना सके। गेंद पर उनका नियंत्रण और लाइन-लेंथ देखकर एक बार फिर साफ नजर आया कि टीम इंडिया ने उन पर भरोसा क्यों जताया है। लेकिन दूसरे स्पेल में गेंदबाजी करने आए भुवी के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी शायद उन्हें भी उम्मीद नहीं रही होगी।
तीसरे ओवर में भुवनेश्वर कुमार के सामने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टिम सीफर्ट थे। भुवी ने स्टंप की लाइन पर बैक ऑफ लेंथ गेंद डाली। सीफर्ट ने गेंद को मिडविकेट की दिशा में जोरदार तरीके से खेलने की कोशिश की। बल्लेबाज का शॉट भले ही चर्चा का विषय नहीं बना, लेकिन उसी गेंद पर अंपायर ने भुवनेश्वर को नो-बॉल दे दी।
अंपायर का फैसला आते ही भुवनेश्वर कुमार के टी20 इंटरनेशनल करियर का एक बेहद खास रिकॉर्ड टूट गया। दरअसल, यह उनके पूरे T20I करियर की पहली नो-बॉल थी। यानी इससे पहले वह 88 टी20 इंटरनेशनल मैचों में गेंदबाजी कर चुके थे, लेकिन कभी नो-बॉल नहीं फेंकी थी।
भुवी की इस उपलब्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में लगातार 1791 गेंदें बिना नो-बॉल किए फेंकी थीं। इतने लंबे अंतराल तक नो-बॉल से बचना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए आसान नहीं होता। खासकर टी20 क्रिकेट में, जहां गेंदबाजों पर बल्लेबाजों के लगातार आक्रमण का दबाव रहता है और एक छोटी सी तकनीकी गलती भी नो-बॉल में बदल सकती है।
भुवनेश्वर कुमार की पहचान भारतीय क्रिकेट में ऐसे गेंदबाज के तौर पर रही है, जो अपनी सटीक लाइन-लेंथ और गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। पावरप्ले में नई गेंद से विकेट निकालने से लेकर डेथ ओवरों में रन रोकने तक उन्होंने लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए अहम भूमिका निभाई है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी उनसे यही उम्मीद थी कि वह शुरुआती ओवरों में भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएं। पहले ओवर में सिर्फ चार रन देकर उन्होंने संकेत भी दे दिया कि वह पूरी तरह लय में हैं। हालांकि, तीसरे ओवर की नो-बॉल ने उनके रिकॉर्ड में एक नया आंकड़ा जरूर जोड़ दिया।
दिलचस्प बात यह है कि भुवनेश्वर कुमार का न्यूजीलैंड दौरे से पुराना रिश्ता रहा है। करीब चार साल के अंतराल के बाद वह एक बार फिर न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी करते नजर आए। ऐसे में उनकी वापसी पर क्रिकेट फैंस की नजरें भी टिकी हुई थीं।
हालांकि, एक नो-बॉल से भुवी की गेंदबाजी की पूरी तस्वीर नहीं बदलती। टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लगातार सही जगह पर गेंद डालना और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देना है। भुवनेश्वर ने अपने करियर में इसी कला के दम पर खास पहचान बनाई है।
1791 गेंदों तक नो-बॉल से बचने के बाद आखिरकार यह सिलसिला टूट गया। लेकिन भुवी के लिए यह किसी बड़ी नाकामी से ज्यादा उनके असाधारण रिकॉर्ड का हिस्सा है। 88 T20I मैचों और 1791 गेंदों तक बिना नो-बॉल किए गेंदबाजी करना अपने आप में ऐसा आंकड़ा है, जिसे हासिल करना आसान नहीं है।
अब नजर इस बात पर होगी कि न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार बाकी ओवरों में किस तरह वापसी करते हैं और क्या वह टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण विकेट निकाल पाते हैं। एक नो-बॉल जरूर आई, लेकिन अनुभवी भुवी के लिए असली परीक्षा अभी बाकी है।





