1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 31, 2025, 12:13:13 PM
रक्षाबंधन पर भाई को दें ये गिफ्ट्स - फ़ोटो GOOGLE
Raksha Bandhan Gifts: रक्षाबंधन भारत के सबसे पवित्र और भावनात्मक त्योहारों में से एक है, जिसका बेसब्री से इंतजार हर भाई-बहन करता है। यह पर्व भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, और इस बार यह शुभ अवसर 9 अगस्त 2025 (शुक्रवार) को पड़ रहा है। रक्षाबंधन न सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते की डोर को मजबूत करता है, बल्कि यह दिन एक-दूसरे को आशीर्वाद और उपहार देने के लिए भी विशेष माना जाता है।
इस दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सफलता और सुरक्षा की कामना करती हैं, वहीं भाई भी जीवनभर अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। रक्षाबंधन की परंपरा के तहत बहनों द्वारा भाइयों को कुछ खास चीजें भेंट में देने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि बहनें भाई को पांच शुभ वस्तुएं भेंट करें, तो न सिर्फ भाई की सभी बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है।
रक्षाबंधन पर भाई को दें ये 5 शुभ वस्तुएं
नारियल – राखी बांधने से पहले भाई के हाथ में एक नारियल अवश्य देना चाहिए। नारियल को हिंदू धर्म में शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इससे भाई के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती और सौभाग्य बढ़ता है।
सफेद मिठाई – राखी बांधते समय बहन को भाई को मिठाई जरूर खिलानी चाहिए, खासकर सफेद रंग की मिठाई जैसे रसगुल्ला या मिल्क केक। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सफेद मिठाई शुक्र ग्रह से संबंधित होती है, जो प्रेम, सुख और वैवाहिक जीवन का प्रतीक है।
मौसमी फल – फल स्वास्थ्य और दीर्घायु का प्रतीक माने जाते हैं। बहनों को चाहिए कि वे राखी के समय भाई को मौसमी फल जैसे सेब, अंगूर या अनार भेंट करें। इससे अच्छे स्वास्थ्य और रोग-प्रतिरोधक क्षमता का आशीर्वाद माना जाता है।
रुमाल – पूजा-पाठ में रुमाल का विशेष स्थान होता है। बहनें अपने भाई को एक साफ और सुंदर रुमाल भेंट करें। यह प्रतीक है कि भाई का जीवन व्यवस्थित, स्वच्छ और संतुलित बना रहे।
दक्षिणा (पैसे) – रक्षाबंधन के दिन बहनों को भाई को दक्षिणा रूप में कुछ पैसे भी भेंट करने चाहिए। यह परंपरा पुराने समय से चली आ रही है और इसे सौभाग्य, सम्पन्नता और समर्पण का प्रतीक माना गया है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भद्राकाल में कभी भी राखी नहीं बांधनी चाहिए क्योंकि यह काल अशुभ माना गया है। इस वर्ष भद्राकाल का प्रारंभ 8 अगस्त 2025 को रात से होकर समाप्त 9 अगस्त की सुबह 1:52 बजे होगा। अतः राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5:35 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक का रहेगा। इसी दौरान रक्षाबंधन की पूजा, राखी बांधने और उपहार देने की परंपरा निभाई जानी चाहिए।
रक्षाबंधन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक बंधन का उत्सव है। यदि इस दिन बहनें अपने भाइयों को इन पाँच शुभ वस्तुओं के साथ राखी बांधें, तो रिश्ते में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और भाई के जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही, इस अवसर पर सही मुहूर्त का पालन करना और धार्मिक मर्यादा में रहकर रक्षाबंधन मनाना, त्योहार की पवित्रता और प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है।