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Premenand Maharaj: प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा फिर से स्थगित हुई, सामने आई यह बड़ी वजह

Premenand Maharaj: वृंदावन में निर्जला एकादशी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से यातायात और शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भीड़ के दबाव को देखते हुए संत प्रेमानंद ने अपनी रात्रिकालीन पदयात्रा स्थगित कर दी।

Premenand Maharaj
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Premenand Maharaj: निर्जला एकादशी के अवसर पर वृंदावन में श्रद्धालुओं की अचानक हुई भारी भीड़ से पूरे शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शनिवार रात से ही लाखों श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी में उमड़ पड़े, जिससे सड़कों पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।


शनिवार रात आठ बजे से ही परिक्रमा मार्ग और प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ का भारी दबाव देखने को मिला। हालात इतने बिगड़ गए कि संत प्रेमानंद ने रात्रिकालीन पदयात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया। उनके अनुयायियों ने रात दो बजे माइक से भीड़ को सूचित किया कि संत पदयात्रा नहीं करेंगे और श्रद्धालुओं से गंतव्य को लौटने की अपील की।


जब यह घोषणा की गई, तो कई श्रद्धालु मायूस होकर लौटते नजर आए। लेकिन रविवार सुबह एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए। विद्यापीठ से लेकर बांकेबिहारी मंदिर तक भारी भीड़ का दबाव बना रहा। जुगलघाट से मंदिर के प्रवेशद्वार दो तक श्रद्धालु पूरी तरह सड़क पर फैल गए, जिससे रास्ते बंद जैसे हो गए।


शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। श्रद्धालु वाहनों के बीच से रास्ता निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन जाम की स्थिति जस की तस बनी रही। पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था नाकाफी साबित हुई, और मंदिरों के आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात को बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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