ब्रेकिंग
SVU ने भ्रष्ट BDO को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार, 16 लाख के भुगतान में 46 हजार ले रहा था कमीशनBihar Ias Transfer: सम्राट सरकार ने 9 IAS अफसरों का किया ट्रांसफर दिया एक्स्ट्रा चार्ज, कई विभाग में नए सचिव की पोस्टिंग, देखिये पूरी लिस्ट...महिला के साथ बदसलुकी करना पड़ गया महंगा, डीएसपी ने नौला पिकेट प्रभारी अखिलेश को किया सस्पेंडबिहार में भ्रष्टाचार पर एक्शन: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार CO सस्पेंड, मंत्री बोले- नहीं बचेंगे एक भी भ्रष्टाचारी19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिली डिंपल यादव, 20 जुलाई के मार्च में युवाओं को शामिल होने की अपीलSVU ने भ्रष्ट BDO को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार, 16 लाख के भुगतान में 46 हजार ले रहा था कमीशनBihar Ias Transfer: सम्राट सरकार ने 9 IAS अफसरों का किया ट्रांसफर दिया एक्स्ट्रा चार्ज, कई विभाग में नए सचिव की पोस्टिंग, देखिये पूरी लिस्ट...महिला के साथ बदसलुकी करना पड़ गया महंगा, डीएसपी ने नौला पिकेट प्रभारी अखिलेश को किया सस्पेंडबिहार में भ्रष्टाचार पर एक्शन: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार CO सस्पेंड, मंत्री बोले- नहीं बचेंगे एक भी भ्रष्टाचारी19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिली डिंपल यादव, 20 जुलाई के मार्च में युवाओं को शामिल होने की अपील

Pradosh Vrat: पौष माह में प्रदोष व्रत: जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और महत्व

Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी व्रत माना गया है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से साधक को भगवान शिव का

Pradosh Vrat: पौष माह में प्रदोष व्रत: जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और महत्व
User1
2 मिनट

Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी व्रत माना गया है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से साधक को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके सभी कष्ट दूर होते हैं।


पौष माह का पहला प्रदोष व्रत: तिथि और समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 दिसंबर 2024 को सुबह 2:26 बजे शुरू होकर 29 दिसंबर 2024 को सुबह 3:32 बजे समाप्त होगी। इसलिए, पौष माह का पहला प्रदोष व्रत 28 दिसंबर 2024 (शनिवार) को रखा जाएगा। यह शनि प्रदोष के नाम से जाना जाएगा।


पौष माह का दूसरा प्रदोष व्रत: तिथि और समय

पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 11 जनवरी 2024 को सुबह 8:21 बजे शुरू होकर 12 जनवरी 2024 को सुबह 6:33 बजे समाप्त होगी। इस व्रत का पालन 11 जनवरी 2024 (शनिवार) को किया जाएगा, जिसे भी शनि प्रदोष कहा जाएगा।


प्रदोष व्रत पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।

पूजा स्थल की सफाई करें और शिव परिवार की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें।

शिवलिंग का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।

सफेद चंदन का तिलक लगाएं और आक, बेलपत्र, भांग, व धतूरा अर्पित करें।

देसी घी का दीपक जलाएं और खीर का भोग लगाएं।

रुद्राक्ष की माला से “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।

आरती कर पूजा को पूर्ण करें और पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे।

तामसिक भोजन और व्यवहार से परहेज करें।


महत्वपूर्ण सुझाव

प्रदोष व्रत को श्रद्धा और विधिपूर्वक करने से भगवान शिव का कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत शनि प्रदोष के रूप में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि शनिवार को शिव पूजा के साथ शनि दोष से मुक्ति भी मिलती है।