ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

Mahashivratri 2025: शिवलिंग पूजा में चावल अर्पण के नियम और महत्व

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित होता है। इस दिन भक्तगण श्रद्धा और भक्ति भाव से शिवलिंग का जल, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा आदि से अभिषेक करते हैं।

Mahashivratri 2025
Mahashivratri 2025
© Mahashivratri 2025
User1
3 मिनट

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पावन और शुभ दिन माना जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तगण शिवलिंग पर जल, पंचामृत, बेलपत्र, चावल, धतूरा आदि चढ़ाकर भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिवलिंग की पूजा विशेष फलदायी होती है, क्योंकि इस दिन शिवलिंग में स्वयं महादेव का वास माना जाता है।


शिवलिंग पर चावल अर्पण का महत्व

चावल भगवान शिव को अति प्रिय माना जाता है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यदि पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान से शिवलिंग पर चावल अर्पित किया जाए, तो व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।


शिवलिंग पर चावल चढ़ाने के नियम

सुबह के समय चावल अर्पण करें: शिवलिंग पर चावल चढ़ाने का सबसे शुभ समय प्रातःकाल होता है। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं।

टूटे हुए चावल न चढ़ाएं: शिवलिंग पर कभी भी टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए, क्योंकि इससे भगवान शिव नाराज हो सकते हैं।

सूर्यास्त के बाद चावल अर्पण न करें: शाम के समय शिवलिंग पर चावल अर्पण करना अशुभ माना जाता है।

ग्रहण काल में चावल चढ़ाने से बचें: चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के दौरान शिवलिंग पर चावल अर्पण करना वर्जित होता है। इस दौरान शिवलिंग को स्पर्श भी नहीं करना चाहिए।

पवित्रता का ध्यान रखें: शिवलिंग पर चावल चढ़ाने से पहले हाथ धोकर शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।


शिवलिंग पर चावल चढ़ाने का मंत्र

जब शिवलिंग पर चावल चढ़ाएं तो निम्न मंत्र का जाप करें:

"अक्षताश्च सुरश्रेष्ठ कुंकमाक्ता: सुशोभिता:. मया निवेदिता भक्त्या: गृहाण परमेश्वर॥"

इस मंत्र का जाप करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साधक को मनोवांछित फल प्राप्त होता है।


महाशिवरात्रि पर शिव पूजा के लाभ

शिवलिंग पर चावल अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि आती है।

इस दिन व्रत रखने और शिवजी की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा से व्यक्ति के सभी कष्ट और दुर्भाग्य दूर हो जाते हैं।


महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक उत्तम अवसर होता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, चावल आदि अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। लेकिन शिवलिंग पर चावल चढ़ाने के कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है, ताकि पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त हो सके। यदि श्रद्धा और सही विधि से भगवान शिव की आराधना की जाए, तो व्यक्ति के जीवन की सभी परेशानियां समाप्त हो सकती हैं।

संबंधित खबरें