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Jaya Ekadashi: जया एकादशी का महत्व, बन रहे ये दो खास योग

हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 07, 2025, 9:16:00 PM

Jaya Ekadashi

Jaya Ekadashi - फ़ोटो Jaya Ekadashi

Jaya Ekadashi: हिंदू धर्म में हर तिथि और व्रत का अपना अलग महत्व है। सालभर में 24 एकादशी के व्रत होते हैं, जिन्हें हर महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


आने वाली जया एकादशी 8 फरवरी, 2025 को मनाई जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी की तिथि 7 फरवरी की रात 9:26 बजे शुरू होगी और 8 फरवरी की रात 8:15 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए, जया एकादशी का व्रत 8 फरवरी, शनिवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना विशेष लाभकारी मानी जाती है।


जया एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े विशेष उपाय:

आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए:

अगर बहुत प्रयासों के बाद भी आर्थिक समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं, तो एकादशी के दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा के समय गाय के कच्चे दूध में तुलसी की मंजरी मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।


नौकरी में सफलता के लिए:

यदि नौकरी या कार्यक्षेत्र में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, तो एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास 11, 21, या 51 दीपक जलाकर तुलसी चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि यह उपाय विघ्नों को दूर कर सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।


मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए:

रोजाना माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं, लेकिन जया एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को श्रृंगार का सामान (जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि) अर्पित करने से माता लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करती हैं।


जया एकादशी का धार्मिक महत्व:

जया एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन व्रत रखने से व्रती को कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन तुलसी का पूजन और उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं।


ध्यान रखने योग्य बातें:

एकादशी व्रत के दिन अनाज और तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

दिनभर भगवान विष्णु का ध्यान करें और संभव हो तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन सूर्योदय के बाद करें।

जया एकादशी के इन उपायों को अपनाकर आप न केवल अपनी आर्थिक समस्याओं से निजात पा सकते हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का अनुभव भी कर सकते हैं। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए इस पवित्र दिन का सदुपयोग अवश्य करें।