ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग, मोदी सरकार को 33 दिनों का अल्टीमेटम

गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर राष्ट्र माता घोषित करने, गो हत्या को अपराध घोषित करने और सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में गाय को शामिल करने की मांग ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र की मोदी सरकार से की है।

sarkar se mang
केंद्र सरकार से मांग
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

Swami Avimukteshwarananda Saraswati: देश में गो हत्या पर रोक लगाने और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग केंद्र सरकार से की गई है। ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यह मांग सरकार के समक्ष रखी है। उन्होंने केंद्र सरकार को 33 दिनों का समय दिया है।


प्रयागराज में जगद्गुरु शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत कर मोदी सरकार के समक्ष यह मांगे रखी। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि गाय के शरीर में 33 कोटि देवी देवताओं का वास है। हम पिछले डेढ़ साल से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए आंदोलन चला रहे हैं। गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर राष्ट्र माता घोषित करने, गोहत्या को अपराध घोषित करने और सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में गाय को शामिल किया जाए। 


उन्होंने कहा कि हमने यह फैसला लिया है कि माघी पूर्णिमा के अगले दिन गुरुवार से हम 33 दिनों की यात्रा निकालेंगे। जो 17 मार्च को दिल्ली पहुंचकर पूरी होगी। इन 33 दिनों में यदि केंद्र सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो यात्रा के अंतिम दिन हम बड़ा फैसला लेंगे।  

टैग्स

संबंधित खबरें