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Gangotri Dham: गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश बैन, मुखबा से लेकर पूरे परिसर में लागू होगा निर्णय; जानिए.. फैसले के पीछे की वजह

Gangotri Dham: उत्तराखंड के गंगोत्री धाम और मुखबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है. मंदिर समिति ने धार्मिक पवित्रता और परंपरा बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है.

Gangotri Dham
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Gangotri Dham: उत्तराखंड के प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में अब गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह फैसला रविवार को श्री गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में लिया गया। समिति के अनुसार यह पाबंदी केवल गंगोत्री मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव में भी प्रभावी होगी।


श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि धार्मिक परंपराओं और आस्था के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र की पवित्रता और परंपरागत व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। समिति ने यह भी कहा कि नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।


इस फैसले के बाद राज्य के अन्य प्रमुख धामों में भी चर्चा तेज हो गई है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने संकेत दिए कि इसी तरह का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समिति के अधीन आने वाले अन्य मंदिरों में प्रवेश व्यवस्था को लेकर नीति तय करने पर विचार किया जाएगा, हालांकि अंतिम निर्णय बोर्ड की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।


धार्मिक स्थलों पर प्रवेश को लेकर उत्तराखंड में समय-समय पर बहस होती रही है। हरिद्वार के हरकी पैड़ी सहित कुछ अन्य स्थलों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पहले उठती रही है। इस मांग के समर्थन में हरिद्वार नगर निगम के वर्ष 1916 के बायलॉज का हवाला दिया जाता है, जो ब्रिटिश काल से लागू है। कुछ संगठनों और गंगा सभा से जुड़े लोगों ने धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा के नाम पर इस प्रतिबंध की मांग की थी।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता