1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 10, 2025, 9:21:02 AM
Ayodhya Ram Mandir - फ़ोटो Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में इस साल एक ऐतिहासिक उत्सव मनाया जाएगा, क्योंकि 11 जनवरी से 13 जनवरी तक प्रभु राम की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी। यह अवसर अयोध्यावासियों और राम भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। 22 जनवरी 2024 को प्रभु राम ने 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में अपने मंदिर में स्थिर हो गए थे। अब उनके मंदिर में विराजमान होने की पहली वर्षगांठ की खुशी पूरी अयोध्या में मनाई जाएगी।
धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
इस कार्यक्रम को 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में मनाया जाएगा, जो तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान कई धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें प्रमुख संत और श्रद्धालु भाग लेंगे। साथ ही, कुमार विश्वास, मालिनी अवस्थी और अनुराधा पौडवाल जैसे प्रसिद्ध भजन गायक राम के भजन प्रस्तुत करेंगे। इस भव्य अवसर पर अयोध्या के व्यापारियों ने अपनी दुकानों को दीपमालाओं से सजाने का संकल्प लिया है, जिससे हर गली और चौराहा रंग-बिरंगी लाइटों से चमक उठेगा।
अयोध्या का उत्सवमय रूप
राम भक्तों के लिए यह एक ऐतिहासिक पल होगा, जब वे प्रभु राम की आरती में सम्मिलित होंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। अयोध्या की सड़कों, गलियों और दुकानों को सजाया जाएगा, और राम के भक्त इस मौके पर अपने घरों को दीपों से सजाएंगे। इस विशेष दिन पर अयोध्या के हर घर में खुशियाँ और आस्था का माहौल होगा।
संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी
इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन संध्या, और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इस कार्यक्रम में अयोध्या के संतों के अलावा अन्य विशिष्ट जन भी शामिल होंगे। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि हर एक गतिविधि का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाएगा और भक्तों को इस अवसर पर खास धार्मिक अनुभव होगा। अयोध्या में 11 से 13 जनवरी तक हर जगह प्रभु राम के जयकारों की गूंज सुनाई देगी।
नजर आएगा त्रेता युग जैसा स्वागत
इस दौरान अयोध्या में वही दृश्य फिर से दिखाई देगा जैसा त्रेता युग में राम के अयोध्या लौटने के समय हुआ था। तब अयोध्यावासियों ने प्रभु राम का स्वागत किया था। अब एक बार फिर वही नजारा देखने को मिलेगा, जब अयोध्यावासी प्रभु राम के मंदिर में विराजमान होने की खुशी में उत्सव मना रहे होंगे।
यह तीन दिवसीय उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को भी पुनः जागृत करने का अवसर है। राम भक्तों के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जब वे अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ प्रभु राम की पूजा में सम्मिलित होंगे।