Bihar Politics: बिहार में तीन चरणों की शिक्षक बहाली के बाद अभ्यर्थी चौथे चरण की शिक्षक बहाली के नोटिफिकेशन का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। टीआरई फोर में हो रही देरी के कारण अब शिक्षक अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है। एक तरफ जहां शिक्षक नेताओं ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी है तो वहीं दूसरी तरह इसको लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौथे चरण की शिक्षक बहाली में हो रही देरी को लेकर एनडीए सरकार को घेरा है।
तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, “𝟏𝟕 महीनों की महागठबंधन सरकार में मेरी विशेष पहल पर शिक्षा विभाग को राजद कोटे में लेकर सर्वप्रथम युद्ध स्तर पर शिक्षा विभाग में 𝐓𝐑𝐄-𝟏 और 𝐓𝐑𝐄-𝟐 के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा के अंदर बिना किसी पेपरलीक, संपूर्ण पारदर्शिता के साथ रिकॉर्ड 𝟐,𝟐𝟎,𝟎𝟎𝟎 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइनिंग कराई। हमने 𝐓𝐑𝐄-𝟑 की भी नियुक्ति प्रक्रियाधीन कराई लेकिन जनवरी 𝟐𝟎𝟐𝟒 में हमारे सरकार से हटते ही पेपरलीक के कारण 𝐓𝐑𝐄-𝟑 को रद्द किया गया और फिर यह परीक्षा भी विलंब से हुई।
फिर चुनावी साल 𝟐𝟎𝟐𝟓 में वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने लिखा-लिखाया ट्वीट चिपका कर युवाओं से वादा किया था कि बिहार में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना कर जल्द ही टीआरई-𝟒 परीक्षा आयोजित की जाएगी। आज उस घोषणा को लगभग एक वर्ष बीत चुका हैं लेकिन अब तक 𝐓𝐑𝐄-𝟒 की वैकेंसी तक जारी नहीं हुई है।
𝐁𝐏𝐒𝐂 कैलेंडर के अनुसार यह परीक्षा अगस्त 𝟐𝟎𝟐𝟒 में ही हो जानी चाहिए थी, लेकिन चुनाव आयोग, तंत्र और 𝟏𝟎 हज़ारिया की बदौलत सत्ता हड़पने वाली कुर्सीबाज भाजपा-जदयू सरकार युवाओं की जरूरत को कभी समझ ही नहीं पाई। फिर 𝟐𝟎𝟐𝟓 के अक्टूबर में परीक्षा कराने की बात कही गई, ताकि चुनावी आचार संहिता लागू होते ही परीक्षा टल जाए, ऐसा ही हुआ। चुनाव हो गए, सरकार बन गई, महीनों बीत गए लेकिन आज भी शिक्षक अभ्यर्थी इंतजार ही कर रहे हैं।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री रहते हुए 𝟏𝟕 महीने में मैंने 𝟓 लाख युवाओं को नौकरियां दी और 𝟑,𝟓𝟎,𝟎𝟎𝟎 से अधिक नौकरियों की प्रक्रिया शुरू करवाई। लेकिन आज की डबल इंजन सरकार बार-बार अकारण परीक्षा टालकर बहाना बनाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। अभ्यर्थियों की आयु सीमा पार हो रही है, उनका धैर्य जवाब दे रहा है। हर युवा नौकरी पाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाना चाहता है, अपने परिजनों के सपनों को पूरा करना चाहता है।
भले ही चुनाव जीतने के लिए भाजपा-जदयू ने बड़े-बड़े झूठे आसमानी वादे किए हों लेकिन ये युवाओं के हित से जुड़ा मामला है। मेरी एनडीए सरकार से अपील है कि टीआरई-𝟒 की वैकेंसी अविलंब जारी की जाए। क्योंकि यह लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवार की उम्मीदों का मामला है। मेरी अपील है कि कुर्सी की अदला-बदली में भाजपा-जदयू सरकार बिहार के लाखों युवाओं के हक-अधिकार, मांगों, आकांक्षाओं, उम्मीदों और सपनों का क़त्ल ना करे”।
