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तेजस्वी ने गढ़ दिया नया समीकरण, RJD के भूमिहार कैंडिडेट जीते, आधा दर्जन उम्मीदवारों को सफलता

PATNA : राष्ट्रीय जनता दल के वोट समीकरण को कभी MY के चश्मे से देखा जाता था। माना जाता था कि मुस्लिम और यादव समीकरण के बूते ही लालू प्रसाद यादव ने डेढ़ दशक तक बिहार की सियासत प

तेजस्वी ने गढ़ दिया नया समीकरण, RJD के भूमिहार कैंडिडेट जीते, आधा दर्जन उम्मीदवारों को सफलता
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA : राष्ट्रीय जनता दल के वोट समीकरण को कभी MY के चश्मे से देखा जाता था। माना जाता था कि मुस्लिम और यादव समीकरण के बूते ही लालू प्रसाद यादव ने डेढ़ दशक तक बिहार की सियासत पर पकड़ बनाए रखी। आरजेडी के शासन का मूल वोट समीकरण यही था लेकिन अब उनके बेटे और आरजेडी की कमान संभालने वाले तेजस्वी यादव ने नया समीकरण कर दिया है। 


तेजस्वी यादव अब सबको साथ लेकर चलने की बात कहते हैं। कभी लालू यादव की तरफ से दिया गया भूरा बाल साफ करो वाला बयान अब पुरानी बात हो चुकी है और तेजस्वी यादव के साथ-साथ भूमिहार को भी अपनी सियासत का हिस्सा बना कर आगे बढ़ रहे हैं। तेजस्वी यादव ने बिहार विधान परिषद चुनाव में भूमिहार जाति से आने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया और अब चुनाव नतीजे आने के बाद तेजस्वी का यह दांव सही साबित होता दिख रहा है।


 तेजस्वी यादव के भूमिहार कैंडिडेट जीत हासिल करने में सफल साबित हुए हैं सबसे पहला नंबर पटना सीट से उम्मीदवार बनाए गए कार्तिक कुमार का है। कार्तिक कुमार उर्फ कार्तिक मास्टर अनंत सिंह के करीबी माने जाते हैं। भूमिहार जाति से आते हैं और इन्होंने जेडीयू के वाल्मीकि सिंह को मात दी है इसके अलावा पश्चिम चंपारण जैसी सीट पर तेजस्वी यादव के एक भूमिहार उम्मीदवार ने ही जीत हासिल की यहां आरजेडी के इंजीनियर सौरभ चौधरी ने जीत हासिल की है 18 साल से जो किला भारतीय जनता पार्टी का उसमें आरजेडी के भूमिहार कैंडिडेट ने सेंधमारी कर दी।


मुंगेर, जमुई और लखीसराय सीट पर भी आरजेडी के जिस उम्मीदवार ने जीत हासिल की वह भूमिहार जाति से आते हैं। इस सीट पर आरजेडी कैंडिडेट अजय कुमार सिंह ने जीत हासिल की। अजय कुमार सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार संजय प्रसाद को पटखनी दी। इस सीट पर मिली जीत तेजस्वी के नए सामाजिक समीकरण का बड़ा उदाहरण है। हालांकि दूसरे दलों से भी भूमिहार जाति से आने वाले चेहरों ने जीत हासिल की है।


भारतीय जनता पार्टी से राजीव कुमार सिंह ने गोपालगंज में जीत हासिल की। जबकि बीजेपी ने जिस सच्चिदानंद राय को बेटिकट कर दिया उन्होंने सारण में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की। बेगूसराय में भी कांग्रेस उम्मीदवार राजीव सिंह भूमिहार जाति से आते हैं। बिहार में जिन 24 सीटों पर चुनाव हुए उनमें से आधा दर्जन सीटों पर भूमिहार जाति से आने वाले चेहरों ने जीत का परचम लहराया है।