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मांझी का कोरोना से निपटने का फॉर्मूला, सरकार सभी प्राइवेट हॉस्पिटलों को ले अपने कब्जे में

PATNA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कोरोना से निपटने के लिए बिहार सरकार को अपना फॉर्मूला दिया है। जीतन राम मांझी ने कहा है कि सरकार को सभी प्राइवेट हॉस्

FirstBihar
Anurag Goel
3 मिनट

PATNA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कोरोना से निपटने के लिए बिहार सरकार  को अपना फॉर्मूला दिया है। जीतन राम मांझी ने कहा है कि सरकार को सभी प्राइवेट हॉस्पिटल को अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए।


जीतन राम मांझी ने कहा कि जिस तरह से कोरोना की भयावहता लगातार बढ़ती चली जा रही है ऐसे में सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। सरकार को सभी प्राइवेट हॉ़स्पिटलों को अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए। जिससे इस बड़ी आपदा से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किया जा सके और सब कुछ नियंत्रण में रहे। 


अब मांझी आखिर ऐसा कह क्यों रहे हैं क्या उन्हें बिहार के हेल्थ सिस्टम पर भरोसा नहीं है या फिर सचमुच इसके जरिए लगातार बढ़ रही कोरोना के कहर के प्रति गंभीर हैं। मांझी ने पिछले दिनों जिस तरह सीएम नीतीश कुमार पर फिर से भरोसा जताया था वैसी परिस्थितियों में ये नहीं कहा जा सकता कि मांझी नीतीश पर इतना बड़ा हमला बोलेंगे। मांझी तेजस्वी यादव से लगातार दूर होते चले जा रहे हैं। दोनों के बीच की लड़ाई अब खुल कर सतह पर आ चुकी है। मांझी ने तो तेजेस्वी को कोर्डिनेशन कमिटि के गठन के लिए 20 मार्च का अल्टीमेटम तक दे डाला है। ऐसे में मांझी की नजदीकियां जेडीयू से फिर से बढ़ती दिख रही है। एनडीए से उन्हें निमंत्रण भी मिलने लगे हैं। बीजेपी नेता प्रेमरंजन पटेल ने उन्हें एनडीए में शामिल होने तक का न्योता दे दिया है।


इन परिस्थितियों में ये माना जा सकता है मांझी नीतीश कुमार की स्वास्थ्य व्यवस्था की टांग खिंचाई नहीं कर रहे बल्कि वे सीरियसली नीतीश कुमार को मदद पहुंचाने के लिए ऐसा सुझाव दे रहे हैं। खैर मांझी के मन में क्या हैं ये तो वे ही जानें। लेकिन आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में दिलचस्प मोड़ जरूर देखने को मिल सकता है। 



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