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महान फेल्योर साबित हुए हैं नीतीश: मांझी ने गिना दी सरकार की नाकामी, कहा- उन्हें संयोजक बनाया तो बुद्धि की दाद देनी होगी

PATNA: बेंगलुरु में आज विपक्षी दलों की दूसरे दिन की बैठक हो रही है। चर्चा है कि आज की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी दलों का संयोजक बनाने की घोषणा हो सकती है। नीतीश

महान फेल्योर साबित हुए हैं नीतीश: मांझी ने गिना दी सरकार की नाकामी, कहा- उन्हें संयोजक बनाया तो बुद्धि की दाद देनी होगी
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: बेंगलुरु में आज विपक्षी दलों की दूसरे दिन की बैठक हो रही है। चर्चा है कि आज की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी दलों का संयोजक बनाने की घोषणा हो सकती है। नीतीश का साथ छोड़कर हाल ही में एनडीए में शामिल हुए जीतनराम मांझी ने इसको लेकर तंज किया है। मांझी ने कहा है कि यह उनका आंतरिक मामला है लेकिन अगर अपने राज्य में महान फेल्योर हो चुके नीतीश को संयोजक बनाया जाता है तो उनकी बुद्धि की दाद देनी होगी।


हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा है कि विपक्षी दल किसे संयोजक बनाते हैं यह उनका आंतरिक मामला है लेकिन जहां तक नीतीश कुमार की बात है तो वे अपने घर में ही महान फेल्योर साबित हुए हैं। करप्शन का मामला हो, विकास का मामला हो, फिजुलखर्ची का मामला हो, गरीबों की तबाही का मामला हो, छात्रों को छात्रवृति का मामला, लड़कियों को मुफ्त शिक्षा देने की बात हो, गरीबों को जमीन देने का मामला हो, किसानों को फ्री बिजली देने की बात थी, इन सब मामलों में नीतीश कुमार और उनकी सरकार पूरी तरह से विफल हो गई है। 


उन्होंने कहा कि उल्टी गंगा बहाकर गया और नालंदा मे पानी गंगा जल पहुंचाना चाह रहे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है। इतनी गंदगी फैल गई है कि कब बीमारी फैल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। पुराना म्यूजियम रहते हुए फिजूलखर्ची कर नया म्यूजियम बनाया। हमने उस वक्त विरोध किया था, हाई कोर्ट ने भी कहा था कि दूसरे म्यूजियम की कोई जरूरत नहीं है लेकिन सरकार ने फिजूलखर्ची की। 


मांझी ने कहा कि बुजुर्ग गरीबों को सरकार पेंशन नहीं दे रही है। गरीब भूखे मर रहे हैं लेकिन सरकार फिजुलखर्ची बंद नहीं कर रही है। दूसरे राज्यों में एक हजार से 15 सौ रुपए वृद्धा पेंशन गरीबों को दिया जा रहा है जबकि बिहार में महज चार सौ रुपए दिए जा रहे है, उससे क्या होने वाला है। नीतीश कुमार बिग फेल्योर हैं और उन्हें अगर कन्वेनर बनाया जाता है तो विपक्ष की बुद्धि को दाद देते हैं।