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BIG BREAKING : बिहार NDA में टूट का खतरा बढ़ा, चिराग पासवान ने रख दी है बड़ी शर्त, क्या नीतीश छोड़ेंगे अपना ‘ईगो’

PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA के कुनबे के बिखरने का खतरा बढ़ता जा रहा है. बीजेपी की कोशिशों के बावजूद बात संभलती नहीं दिख रही है. लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पास

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PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA के कुनबे के बिखरने का खतरा बढ़ता जा रहा है. बीजेपी की कोशिशों के बावजूद बात संभलती नहीं दिख रही है. लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बीजेपी और जेडीयू के सामने बड़ी शर्त रख दी है. सवाल ये उठ रहा है कि क्या बिहार में मुख्यमंत्री पद के दावेदार घोषित किये जा चुके नीतीश कुमार अपने ‘ईगो’ को छोड़ेंगे. अगर नीतीश नहीं बदले तो बीजेपी-जेडीयू को बड़ा नुकसान हो सकता है.




चिराग की बड़ी शर्त
दरअसल परसो यानि रविवार की रात बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव चिराग पासवान से मिलने उनके घऱ पहुंचे थे. बीजेपी को चिराग पासवान के नाराज होने की खबर मिली थी और उसके बाद भूपेंद्र यादव चिराग से मिलने पहुंचे थे. एलजेपी के सूत्र बता रहे हैं कि चिराग पासवान ने भूपेंद्र यादव के सामने बिहार चुनाव को लेकर अपनी शर्त रख दी है. जानकारों के मुताबिक भूपेंद्र यादव सीटों पर बात करने पहुंचे थे. लेकिन चिराग पासवान ने उनसे सीटों के बंटवारे पर कोई बात ही नहीं की.


क्या चाहते हैं चिराग
अंदरखाने से जो खबर आ रही है उसके मुताबिक चिराग पासवान ने भूपेंद्र यादव के सामने बिहार चुनाव को लेकर अपनी शर्त रखी. उन्होंने साफ साफ कहा कि अगर बिहार चुनाव में तीन पार्टियां मिल कर चुनाव लडने जा रही हैं तो NDA के एजेंडे में तीनों पार्टियों की नीति शामिल होनी चाहिये. चिराग पासवान ने कहा कि बिहार के विकास को लेकर उन्होंने बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट विजन तैयार कराया है. उनके विजन को एनडीए के एजेंडे में शामिल किया जाना चाहिये. चिराग ने कहा कि अगर बिहार चुनाव में तीन पार्टियां मिल कर चुनाव लड़ेंगी और सरकार बनेगी तो एजेंडा भी साझा होगा. अगर सरकार बने तो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर उसे चलाने की बात पहले से तय होनी चाहिये.





क्या नीतीश छोड़ेंगे अपना ईगो
चिराग पासवान ने बीजेपी को अपना साफ साफ बता दिया है. उनका कहना है कि देश में NDA की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है. बीजेपी को ये सुनिश्चित करना चाहिये कि गठबंधन की सभा पार्टियों का सम्मान हो. बिहार में किसी खास व्यक्ति की नीति पर सरकार नहीं चल सकती. अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार अपना ईगो छोड़ेंगे. दरअसल नीतीश कुमार बिहार में अपने एजेंडे पर सरकार और NDA को चलाना चाहते हैं. जनता के बीच मैसेज ये जा रहा है कि बिहार में बीजेपी ने नीतीश कुमार के सामने सरेंडर कर दिया है. उधर चिराग दबाव बना  रहे हैं कि बीजेपी बिहार में निर्णायक भूमिका में आये और गठबंधन को सही तरीके से चलाये.


चिराग ने पल्ला झाड़ा तो हो सकता है बड़ा नुकसान
दरअसल सियासी गलियारे में पहले से ये चर्चा होती रही है कि नीतीश कुमार चिराग पासवान को निपटाना चाह रहे हैं. इसके उदाहरण लगातार सामने आते रहे हैं. लेकिन अब चिराग पासवान ने तेवर सख्त कर लिये हैं. चिराग पासवान के कड़े तेवर के बाद सबसे ज्यादा उत्सुकता RJD-कांग्रेस के खेमे में है. RJD जानती है कि अगर चिराग पासवान ने पाला बदला तो बिहार चुनाव में उसे बड़ा फायदा हो सकता है. सियासी गलियारे में ये भी चर्चा है कि RJD ने चिराग पासवान को 50 सीटों देने का ऑफर भी पहुंचवाया है. हालांकि अब तक लोक जनशक्ति पार्टी ने कोई जवाब नहीं दिया है. कल तेजस्वी यादव ने भी इशारों में कहा कि वे चिराग की रोशनी पाने के लिए तैयार हैं.


बीजेपी को भी होगा नुकसान
दरअसल पूरे देश में बीजेपी को दलितों का दुश्मन साबित करने की मुहिम चली हुई है. ऐसे वक्त में रामविलास पासवान NDA में सबसे प्रमुख दलित चेहरा हैं. रामविलास पासवान और चिराग पासवान का पाला बदलना बीजेपी को देश के दूसरे राज्यों में भी नुकसान पहुंचा सकता है.

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