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‘बिहार को अलग देश बनाने की भी मांग कर सकते हैं नीतीश’ मांझी बोले- चुनावी विशेष राज्य की डिमांड क्यों?

PATNA: राज्य कैबिनेट से बिहार के विशेष राज्य के दर्जा का प्रस्ताव पास होने के बाद इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर बने पूर्व सीएम ज

‘बिहार को अलग देश बनाने की भी मांग कर सकते हैं नीतीश’ मांझी बोले- चुनावी विशेष राज्य की डिमांड क्यों?
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: राज्य कैबिनेट से बिहार के विशेष राज्य के दर्जा का प्रस्ताव पास होने के बाद इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर बने पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने एक बार फिर सीएम नीतीश पर तीखा तंज किया है। मांझी ने कहा है कि नीतीश कुमार बिहार को अलग देश का दर्जा देने की भी मांग कर सकते हैं, अब यही सुनना बाकी रह गया है।


दरअसल, नीतीश कैबिनेट की बैठक में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर प्रस्ताव पास कर नीतीश सरकार ने गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दिया है। कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद इसको लेकर सियासत शुरू हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी इसे नीतीश कुमार का चुनावी स्टंट बता रही है और कहा है कि चुनाव का समय नजदीक आ गया है, जिसके कारण नीतीश विशेष राज्य के दर्जा का राग अलाप रहे हैं और चुनाव आया है तो नौकरी और आरक्षण की बात कर रहे हैं।


वहीं एनडीए में शामिल हिन्दुस्तानी आवा मोर्चा के संरक्षक और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी भी विशेष दर्जा को लेकर हमलावर हो गए हैं। मांझी ने एक्स पर लिखा कि, ‘बिहार को अलग देश का दर्जा देने की मांग कर सकतें हैं नीतीश कुमार? अब यही सुनना बाकी रह गया है। हद है… जब पहले ही नीति आयोग ने यह साफ कर दिया है कि देश के किसी भी राज्य को विशेष दर्जा नहीं मिल सकता तो फिर चुनावी विशेष राज्य की डिमांड काहे का?’


इससे पहले जीतन राम मांझी बुधवार को मोतिहारी में कहा था कि विशेष राज्य के दर्जा के बारे में जब नीति आयोग ने पहले ही घोषणा कर दिया है कि अब किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा तो ऐसी परिस्थिति में पत्थर पर माथा ठोकने से क्या फायदा है। मांझी ने कहा था कि केंद्र सरकार ने बिहार को जो स्पेशल पैकेज दिया महागठबंधन की सरकार उसे इस्तेमाल नहीं कर सकी। सरकार को उसका हिसाब देना चाहिए।