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फिर बोले आरसीपी: आश्रम में पाला बदलने की ट्रेनिंग देंगे नीतीश

NALANDA: पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर जमकर हमला बोला। नीतीश कुमार के बारे में कह

फिर बोले आरसीपी: आश्रम में पाला बदलने की ट्रेनिंग देंगे नीतीश
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

NALANDA: पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर जमकर हमला बोला। नीतीश कुमार के बारे में कहा कि वे आश्रम में जाएंगे तो इस बात का प्रशिक्षण देंगे कि पाला कैसे बदला जाता है। वहीं ललन सिंह के बारे में कहा कि अमित शाह से ललन सिंह की तुलना कभी नहीं की जा सकती। तुलना हमेशा बराबर वालों से होती है। अमित सिंह कहां आसमान हैं और ललन सिंह कहा जमीन। दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। अमित शाह समुन्द्र हैं और ललन सिंह गड्ढा बन गये है। समुन्द्र का कंपरिजन गड्डा से हो ही नहीं सकता। गड्ढा में गटर का ही पानी आता है।


दो दिन पहले नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक जवान शहीद हो गये। शहीद चितरंजन सिंह राजगीर के चकपर गांव के रहने वाले थे। चितरंजन सिंह के वीरगति प्राप्त करने की खबर सुन पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उनके घर पहुंच गये जहां उन्होंने शहीद चितरंजन सिंह को श्रद्धांजलि दी। वहीं इस दुख की घड़ी में परिवार का ढांढस बढ़ाया। श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम से लौटने के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की।


मीडिया से बातचीत करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि पिछली बार नीतीश कुमार राहुल गांधी से मिलने गये हुए थे इस बार उनकी माताश्री सोनिया गांधी से मिलने गये। लेकिन इस बार वे अकेले नहीं थे उनके साथ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी थे। आरसीपी ने चुटकी लेते हुए कहा कि नीतीश जी को अकेले में अप्वाइंटमेंट नहीं मिला होगा इसलिए लालू जी के साथ मिलने चले गये। इस दौरान दोनों भाइयों ने फोटो सेशन भी कराया। वो फोटो शानदार था। 


ऐसा फोटो 1989 और 1990 में अच्छा लगता था। 1994 में वहीं फोटो नीतीश कुमार ने अलग कर दिया। 2017 में भी फोटो अलग किया फिर 2022 में साथ में आ गये। आरसीपी ने पूछा कि आखिर नीतीश कुमार बिहार की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार के एजेंडे में बिहार शामिल ही नहीं है। पूराने दिनों की याद ताजा कराते हुए आरसीपी ने कहा कि 2005 से 2010 तक जो सरकार रही उस समय हम प्रधान सचिव थे। तब सब कुछ सही था। लेकिन उसके बाद से स्थिति बिगड़ती गयी। उस समय हम लोग सब मिलकर मोनिटरिंग किया करते थे। उस वक्त लोगों के मन से भय गायब हो गया था। 


वहीं राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद के आश्रम वाले बयान को आरसीपी सिंह ने सही बताते हुए कहा कि लेकिन जब नीतीश जी आश्रम जाएंगे तब लोगों को क्या प्रशिक्षण देंगे? यही प्रशिक्षण देंगे कि कैसे पाला बदला जाता है। नीतीश कुमार अभी अपना समय काट रहे है।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पूर्णिया रैली को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने जो बयान दिये उसे लेकर आरसीपी सिंह ने कहा कि अमित शाह से ललन सिंह की तुलना कभी नहीं की जा सकती। तुलना हमेशा बराबर वालों से होती है। अमित सिंह कहां आसमान हैं और ललन सिंह कहा जमीन। दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। अमित शाह समुन्द्र हैं और ललन सिंह गड्ढा बन गये है। समुन्द्र का कंपरिजन गड्डा से हो ही नहीं सकता। गड्ढा में गटर का ही पानी आता है।


वहीं नल जल योजना की असफलता पर आरसीपी ने कहा कि जब तक किसी भी योजना की सघन मोनिटरिंग नहीं होगी उसका फायदा लोगों को नहीं होगा। यह योजना भष्ट्राचार की भेट चढ़ गयी है। राजगीर और बिहारशरीफ इसका ताजा उदाहरण है। अमूमन हर जगह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल का जल योजना का यही हाल है। 

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