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RJD के पूर्व विधायक अब मुखिया का चुनाव भी हारे, कभी केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस को हराया था

KHAGADIA : बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान बेहद चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला खगड़िया जिले से सामने आया है। यहां आरजेडी के पूर्व विधायक को मुखिया पद के च

RJD के पूर्व विधायक अब मुखिया का चुनाव भी हारे, कभी केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस को हराया था
Editor
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KHAGADIA : बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान बेहद चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला खगड़िया जिले से सामने आया है। यहां आरजेडी के पूर्व विधायक को मुखिया पद के चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। साल 2015 में अलौली से पूर्व विधायक रहे आरजेडी के चंदन राम को मुखिया पद पर जीत हासिल नहीं हुई। पूर्व विधायक चंदन राम ना केवल चुनाव हार गए बल्कि वह बुरी तरीके से पांचवें नंबर पर रहे। उन्हें केवल 567 वोट ही हासिल हो पाए। 


साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान चंदन राम आरजेडी के टिकट पर अलौली विधानसभा सीट से जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे थे। तब उन्होंने केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस को मात दी थी। साल 2015 के चुनाव में पशुपति पारस अलौली से एलजेपी के कैंडिडेट थे लेकिन उन्हें चंदन राम ने पटखनी देते हुए जीत हासिल कर ली थी। राजनीति में पशुपति पारस के पास जितने सालों का अनुभव था उतनी चंदन राम की उम्र भी नहीं थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जीत हासिल की तो अचानक सुर्खियों में आ गए। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया। अलौली सीट से आरजेडी के टिकट पर रामवृक्ष सदा मैदान में उतरे और उन्होंने जीत हासिल की। आज पशुपति पारस केंद्र में मंत्री हैं लेकिन चंदन राम मुखिया का चुनाव भी नहीं जीत पाए। 


विधायक का पद जाने के बाद चंदन कुमार उर्फ चंदन राम तेतराबाद पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ने उतरे लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। एक पूर्व विधायक को तेतराबाद पंचायत की जनता ने नकार दिया। इस सीट पर नंदकेश कुमार उर्फ मुन्ना प्रताप ने जीत हासिल की। मुन्ना प्रताप को 1737 वोट मिले जबकि केवल 567 वोट लेकर चंदन राम पांचवें नंबर पर रहे।