Lalu Prasad Yadav: दिल्ली हाई कोर्ट में लालू प्रसाद की याचिका पर अहम सुनवाई, HC ने CBI को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Lalu Prasad Yadav: लैंड फॉर जॉब और आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला मामलों में लालू प्रसाद यादव की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, अगली सुनवाई 14 जनवरी को।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 05 Jan 2026 12:01:14 PM IST

Lalu Prasad Yadav

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Lalu Prasad Yadav: लैंड फॉर जॉब केस और आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव की तरफ से दायर याचिका पर आज दिल्ली हाई में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।


दरअसल, भारत सरकार के तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने निचली अदालत के उस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप गठित किए गए थे। दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा की कोर्ट में लालू प्रसाद यादव की याचिका पर सुनवाई हो रही है। यह सुनवाई इस मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करने में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


साल 2025 के अक्टूबर महीने में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोपों में कहा गया कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए IRCTC से जुड़े कुछ जमीनों और होटलों के टेंडर में अपने निजी फायदे के लिए नियमों की अनदेखी की।


वहीं लैंड फॉर जॉब केस में भी तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के लोगों पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि रेलवे ग्रुप डी में नौकरी देने के बादले लालू प्रसाद ने अपने और अपने परिवार के लोगों के नाम पर लाभार्थियों से जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कराई थी। इन दोनों ही मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। इसके अलावा ईडी भी मनी लॉन्ड्रिग की जांच कर रही है।


दोनों ही मामलो में लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के अलावे उनके बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ साख लालू प्रसाद की बेटियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, और सरकारी प्रक्रिया में हस्तक्षेप जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं। 


राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोप तय करते समय यह कहा था कि लालू प्रसाद यादव ने केंद्रीय रेल मंत्री के पद का दुरुपयोग किया और यह मामला गंभीर भ्रष्टाचार का उदाहरण है। कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए लालू प्रसाद ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां उनकी याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है।