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Bihar Election 2025: बिहार में नामांकन दाखिल करते ही महागठबंधन का उम्मीदवार अरेस्ट, आपराधिक मामले में बड़ा एक्शन

Bihar Election 2025: बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है. भोरे से माले प्रत्याशी जितेंद्र पासवान नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. 2017 के आपराधिक मामले में गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की गई है.

Bihar Election 2025
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Election 2025: गोपालगंज के हथुआ अनुमंडल से आज चुनावी सरगर्मी के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। महागठबंधन समर्थित माले प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को पुलिस ने नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के इस एक्शन से जिले की सियासत गर्म हो गई है।


मिली जानकारी के मुताबिक, जितेंद्र पासवान ने आज भोरे विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था। लेकिन नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही पुलिस की टीम ने उन्हें हथुआ अनुमंडल परिसर के बाहर से ही हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी वर्ष 2017 में विजयीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक आपराधिक मामले के सिलसिले में की गई है। 


बताया जा रहा है कि वे इस मामले में अभियुक्त के रूप में नामजद थे, लेकिन बार-बार नोटिस के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। इसी को लेकर कोर्ट के आदेश पर उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि मामला कई साल पुराना है, और हाल में कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसी आधार पर आज कार्रवाई की गई। 


जितेंद्र पासवान की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही भोरे और हथुआ क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। माले समर्थक और महागठबंधन के कार्यकर्ता नाराज़ हैं और उन्होंने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक साज़िश बताया है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहा है, विपक्षी उम्मीदवारों को टारगेट कर प्रशासनिक दवाब बनाया जा रहा है। 


दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने बताया कि उम्मीदवार होने के बावजूद, अगर कोई व्यक्ति कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करता है, तो कानून अपना काम करेगा। फिलहाल जितेंद्र पासवान को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है, और उन्हें आगे कोर्ट में पेश किया जाएगा। 


इस गिरफ्तारी के बाद से भोरे विधानसभा का चुनावी माहौल अचानक गरमा गया है। माले नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वे इस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं प्रशासन पूरी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। कुल मिलाकर, नामांकन के बाद की यह गिरफ्तारी।, गोपालगंज की चुनावी सियासत में नया मोड़ लेकर आई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि माले प्रत्याशी की गिरफ्तारी का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज

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