ब्रेकिंग
अगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पी

Bihar Politics: अमित शाह ने नाराज 'कुशवाहा' को दिल्ली बुलाया, आपात बैठक को RLM सुप्रीमो ने किया स्थगित

Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा ने सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि “नथिंग इज वेल इन NDA।” अब खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है।

Bihar Politics
Bihar Politics
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए के भीतर खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। सीट बंटवारे की घोषणा के बाद सहयोगी दलों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा हैं। कुशवाहा ने सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि “नथिंग इज वेल इन NDA।” अब खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। 


दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को अपनी पार्टी की आपात बैठक बुलाई थी, जो दोपहर 12:30 बजे पटना स्थित पार्टी कार्यालय में होने वाली थी। इसमें RLM की आगे की रणनीति और एनडीए के भीतर भविष्य की भूमिका पर चर्चा की जानी थी। लेकिन अचानक ही उपेंद्र कुशवाहा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बुलावा आ गया है। इस बात की जानकारी उपेंद्र कुशवाहा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दिया है उन्होंने लिखा है कि "केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के साथ विमर्श हेतु गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय जी और मुझे अभी दिल्ली के लिए प्रस्थान करना है। इसलिए आज पार्टी के साथियों के साथ पटना स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक तत्काल स्थगित की गई है।"


बता दें कि एनडीए की ओर से सीट बंटवारे का फॉर्मूला घोषित किया गया था। इसमें भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) को 101-101 सीटें, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें, जबकि जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 6-6 सीटें दी गईं। हालांकि, कुशवाहा की ओर से 24 सीटों की मांग की गई थी। सूत्रों के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि RLM को कम से कम दो अंकों में सीटें मिलेंगी, लेकिन जब उन्हें मात्र छह सीटों पर सीमित कर दिया गया। इसके बाद 


उपेंद्र कुशवाहा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट जारी कर बताया है कि उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से क्षमा मांगी थी। उन्होंने लिखा कि सीटों की संख्या अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रही, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता धैर्य और संयम बनाए रखें। इस पोस्ट के बाद से ही यह स्पष्ट हो गया था कि RLM के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और एनडीए में दरार की शुरुआत हो चुकी है।


ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि अमित शाह ने उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली बुलाने का अहम कमसद है, जिसमें  अमित शाह की कोशिश होगी कि उपेंद्र कुशवाहा को मनाया जाए और उन्हें किसी तरह एनडीए में बनाए रखा जाए। संभावना है कि उन्हें कुछ अतिरिक्त सीटों या राजनीतिक पद का आश्वासन दिया जा सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या एनडीएउपेद्र कुशवाहा को मनाने के लिए क्या कदम उठाती है। 


अब सबकी नजरें दिल्ली में होने वाली अमित शाह और उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात पर टिकी हैं। अगर बातचीत सफल होती है, तो एनडीए में एक बार फिर एकता का संदेश जाएगा, लेकिन अगर मतभेद कायम रहे, तो यह बिहार चुनाव के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।