PATNA : बिहार में बेखौफ अपराधी कानून के राज को तार-तार कर रहे हैं। लाख मशक्कत करने के बावजूद बिहार पुलिस अपराधियों पर नकेल कस पाने में विफल साबित हो रही है। पुलिस कप्तान लगातार जिलों में जाकर थानों का निरीक्षण कर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके अपराधी पुलिस की नाक के नीचे वारदात को अंजाम दे रहे हैं। अपराधियों के सामने बिहार पुलिस आखिर फेल क्यों है इसकी पोल सोमवार को विधानसभा में विधायकों ने खोल दी।
सोमवार को विधानसभा में सरकार एक बार फिर से खराब कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घिरी नजर आई। आरजेडी के विधायक आलोक मेहता ने सदन में यह दावा किया कि अपराधियों के पास पुलिस से ज्यादा अत्याधुनिक हथियार हैं तो वहीं बीजेपी विधायक विनय बिहारी ने इस बात का खुलासा कर दिया कि थानों में बदहाली के बीच रह रही पुलिस अपराधियों की बजाय सांपों से मुकाबला करने में व्यस्त है।
स्मार्ट पुलिसिंग के दावों के बीच बदहाली का किस्सा सदन में आगे बढ़ा तो आरजेडी के विधायक भोला यादव ने सब को यह कह कर चौंका दिया कि दरभंगा जिले के कई थानों में अब तक पुलिस को सरकारी मोबाइल सिम भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। नतीजा यह है कि थानों से अधिकारियों का तबादला होने के बाद मोबाइल नंबर बदल जाता है। सरकार की तरफ से मंत्री विजेंद्र यादव ने अपराध के आंकड़ों में कमी आने का दावा किया तो कांग्रेस विधायक सदानंद सिंह ने सरकार के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कुल मिलाकर विधानसभा में आज बिहार पुलिस की वास्तविक स्थिति की हकीकत सामने आ गई।
अपराधियों के सामने क्यों फेल है बिहार पुलिस? विधानसभा में विधायकों ने खोल दी पोल
PATNA : बिहार में बेखौफ अपराधी कानून के राज को तार-तार कर रहे हैं। लाख मशक्कत करने के बावजूद बिहार पुलिस अपराधियों पर नकेल कस पाने में विफल साबित हो रही है। पुलिस कप्तान लगातार जिलों

