PATNA: सरकार से लीज पर रिहायशी जमीन लेकर व्यापारिक काम कर रहे श्रीकृष्णापुरी के रसूखदारों पर नगर निगम के डंडे पर रोक लग गयी है. पटना हाईकोर्ट ने नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए निगम को जमकर फटकार लगायी. नगर निगम से तीन हफ्ते में जवाब मांगा गया है.
क्या है मामला
दरअसल, श्रीकृष्णापुरी के पॉश इलाके में IAS, IPS से लेकर जज और दूसरे रसूखदारों ने सरकार से लीज पर जमीन ले रखी है. सरकारी लीज के मुताबिक उन्हें ये जमीन 99 साल के लिए दिया गया है. लीज की शर्तों के मुताबिक इस जमीन से कोई व्यवसायिक काम नहीं किया जा सकता. लेकिन ज्यादातर रसूखदारों ने अपनी जमीन पर व्यवसायिक काम शुरू कर दिया है. श्रीकृष्णापुरी इलाके में पटना में ऊंचे रेट पर जमीन-मकान किराये पर दिया जा रहा है. नगर निगम ने इन दिनों उन पर डंडा चलाना शुरू किया. दो लीज धारकों की लीज रद्द कर दी गयी. किराये वसूल रहे सभी लीज धारकों को नगर निगम ने नोटिस थमाया है, जिससे हड़कंप मचा है.
पटना हाई कोर्ट ने लगायी रोक
पटना हाईकोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई हुई. सभी पक्षों को सुनने के बाद जज राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पटना नगर निगम तुगलकी फरमान जारी कर रहा है. कोर्ट ने इस तरह के तमाम फऱमान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है और पटना नगर निगम से 3 हफ्ते में जवाब मांगा हैं. लीज का आवंटन रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगा दी गयी है.
श्रीकृष्णापुरी के रसूखदारों पर नगर निगम के डंडे पर HC की रोक, भूखंड जब्ती पर लगायी स्टे
PATNA: सरकार से लीज पर रिहायशी जमीन लेकर व्यापारिक काम कर रहे श्रीकृष्णापुरी के रसूखदारों पर नगर निगम के डंडे पर रोक लग गयी है. पटना हाईकोर्ट ने नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए

