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हालात से बेबस एक परिवार ने छोड़ी जीने की इच्छा, प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांगी मौत

ROHTAS: जिले के संझौली प्रखंड का रहने वाला एक परिवार इच्छा मृत्यु चाहता है. इसके लिए परिवार की मुखिया की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है. जिसमें पूरे परिवार के साथ मृत्यु की मा

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ROHTAS: जिले के संझौली प्रखंड का रहने वाला एक परिवार इच्छा मृत्यु चाहता है. इसके लिए परिवार की मुखिया की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है. जिसमें पूरे परिवार के साथ मृत्यु की मांग की गयी है. https://www.youtube.com/watch?v=nCN3Jba6uiY दरअसल संझौली प्रखंड के छुलकार गांव के रहने वाले देवमुनी सिंह के तीन बेटे है. और तीनों के तीन बेटे एक के बाद एक दिव्यांग होता चला गया. तीनों बच्चे जन्म से दिव्यांग नहीं थे. बल्कि एक के बाद एक दिव्यांग होते चले गए. बच्चों के इलाज के लिए देवमुनी सिंह ने अपनी जमीन तक बेच डाली. लेकिन उनका बच्चा ठीक नहा हो सके. अब तो हालात ऐसी हो गयी है कि उनके पास मिट्टी का एक मकान छोड़ कुछ भी नहीं है. बच्चों की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है. और पिता देवमुनी सिंह इतने बेबस हो गए है कि इन बच्चों का इलाज भी नहीं करा पा रहे है. उधर सिविल सर्जन डॉक्टर जनार्दन शर्मा को देवमुनी सिंह के बेटों की बीमारी के बारे में पता चला तो खुद वो गांव गए और उनका इलाज करने की कोशिश की. डॉक्टर साहब की कोशिश आज भी जारी है. लेकिन स्थिति में कोई सुधार आजतक नहीं हो पाया है. इस परिवार को सामाजिक सुरक्षा के नाम पर दो बच्चों को दिव्यांगता पेंशन मिल रहा है. लेकिन यह नाकाफी है. अब तो ऐसी हालात हो गयी है कि पूरा परिवार दाने दाने को मोहताज हो गया है.
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