झारखंड: करम पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. इसमें उन्होंने लिखा कि आज देश भर में करम पूजा का त्योहार मनाया जा रहा है. इस मौके पर मैं प्रकृति पर्व करम पूजा की सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. उन्होंने ये भी कहा की 'झारखंड की पहचान और संस्कृति के मूल में प्रकृति की पूजा है. हमारे आदिवासी भाई-बहन प्रकृति के संरक्षक रहे हैं. हमें मिलकर झारखंड को और हरा भरा बनाना हैं'. करम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख त्योहार है. मुख्य रूप से यह त्योहार भादो मास की एकादशी के दिन मनाया जाता है. इस मौके पर लोग प्रकृति की पूजा कर अच्छे फसल की कामना करते हैं, साथ ही बहनें अपने भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना करती हैं.
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करम पर झारखंड के लोग ढोल और मांदर की थाप पर झूमते-गाते हैं. यह दिन इनके लिए प्रकृति की पूजा का है. ऐसे में ये सभी उल्लास से भरे होते हैं. परम्परा के मुताबिक, खेतों में बोई गई फसलें बर्बाद न हों, इसलिए प्रकृति की पूजा की जाती है.
वही इस मौके पर एक बर्तन में बालू भरकर उसे बहुत ही कलात्मक तरीके से सजाया जाता है. पर्व शुरू होने के कुछ दिनों पहले उसमें जौ डाल दिए जाते हैं, इसे 'जावा' भी कहा जाता है. यही जावा बहनें अपने बालों में गूंथकर झूमती-नाचती हैं. बहनें अपने भाइयों की सलामती के लिए इस दिन व्रत रखती हैं. इनके भाई 'करम' वृक्ष की डाल लेकर घर के आंगन या खेतों में लगाते हैं. इसे वे प्रकृति के आराध्य देव मानकर पूजा करते हैं. पूजा समाप्त होने के बाद वे इस डाल को पूरे धार्मिक रीति से नदी में विसर्जित कर देते हैं.
करम पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्यवासियों को ट्वीट कर दी शुभकामनाएं
झारखंड: करम पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने <span clas

