BHAGALPUR : बिहार में एक बार फिर से शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही पर सवाल खड़ा हो रहे हैं. ताजा मामला भागलपुर के तिलकामांझी यूनिवर्सिटी का है. जहां कामर्स विषय के ऑनर्स का क्वेश्चन पेपर धड़ल्ले से बाजार में बिक रहा है. पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
बाजार में प्रश्न पत्र बिकने का मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन में हड़कंप मच गई. आनन फानन में वाइस चांसलर ने परीक्षा को कैंसिल कर दिया है. आज कामर्स विषय के पांचवे पेपर का एग्जाम होने वाला था. छात्र संगठन NSUI के संयोजक ने मात्र 500 रुपये में प्रश्न पत्र खरीद कर वाइस चांसलर को व्हाट्सएप पर भेजा था. जिसके बड़ा कुलपति ने जांच में पाया कि क्वेश्चन पेपर एग्जाम से पहले ही लीक हो गए हैं. परीक्षार्थियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है.
क्वेश्चन पेपर लीक होने की बात सामने आने के बाद रद्द की गई परीक्षा को 8 जुलाई को कराने की घोषणा की गई है. नाराज परीक्षार्थियों ने कहा कि इतनी दूर से एग्जाम देने लोग आते हैं. रात में जागकर लोग पढ़ाई करते हैं लेकिन जब सेंटर पर आते हैं तो परीक्षा कैंसल कर दी जाती है. उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह पर कार्रवाई करनी चाहिए.
भागलपुर से सुशील कुमार की रिपोर्ट
बाजार में मात्र 500 रुपये में धड़ल्ले से बिक रहा ऑनर्स का क्वेश्चन पेपर, उठ रहे सवाल
BHAGALPUR : बिहार में एक बार फिर से शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही पर सवाल खड़ा हो रहे हैं. ताजा मामला भागलपुर के तिलकामांझी यूनिवर्सिटी का है. जहां कामर्स विषय के ऑनर्स का क्वेश्चन पेपर

