ब्रेकिंग
विक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्पविक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्प

यह पूर्व मुखिया है दबंग, वर्तमान मुखिया की जगह निबटाता है पंचायत के सारे काम, अधिकारी करते हैं आगे पीछे

ROHTAS: जिले का एक दबंग पूर्व मुखिया वर्तमान मुखिया की जगह काम कर रहा है. वो उसकी जगह साइन भी कर रहा है और उसके बदले प्रशिक्षण भी ले रहा है. हैरान करने वाली बात यह है कि अधिकारियों की

FirstBihar
Admin
2 मिनट
ROHTAS: जिले का एक दबंग पूर्व मुखिया वर्तमान मुखिया की जगह काम कर रहा है. वो उसकी जगह साइन भी कर रहा है और उसके बदले प्रशिक्षण भी ले रहा है. हैरान करने वाली बात यह है कि अधिकारियों की नाक के नीचे वो ऐसा कर रहा है लेकिन इस बात की जानकारी न तो अधिकारियों को है और न ही पंचायती राज विभाग को. ये पूर्व मुखिया है दबंग. इसे न तो अधिकारियों का डर है और न ही किसी विभाग का. हद तो उस समय हो गई जब पंचायती राज विभाग के तरफ से आयोजित मुखिया के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह मुखिया शामिल होता है. दो दिनों तक ट्रेनिंग लेता है और वर्तमान मुखिया के बदले साइन भी करता है. जबकि कायदे के मुताबिक वर्तमान मुखिया को इस ट्रेनिंग सत्र में शामिल होना चाहिए. इस पूर्व मुखिया का रसूख इतना है कि इसके विरोध में किसी ग्रामीण की हिम्मत नहीं है बोलने की. न तो कोई अधिकारी इसके खिलाफ बोलता है और न ही किसी ग्रामीण की हिम्मत है इसका विरोध करने की. ग्रामीण बताते हैं कि वर्तमान मुखिया केवल नाम की हैं जबकि असलीयत में पूर्व मुखिया ही उसके सारे काम निबटाता है. मामला जिले के हुरका पंचायत का है जहां की मुखिया रेशमा देवी अति पिछड़ा वर्ग से आती हैं. लेकिन रेशमा देवी के बदले में सारे कामकाज को निबटाते हैं पूर्व मुखिया रामवचन सिंह. सासाराम से रंजन कुमार की रिपोर्ट
रिपोर्टिंग
9

रिपोर्टर

9

FirstBihar संवाददाता