MUZAFFARPUR : चमकी बुखार या AES के कारणों की जांच के लिए मुजफ्फरपुर और आसपास के प्रभावित जिलों में पहुंची डॉक्टरों की जांच टीम ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दिल्ली एम्स और पटना के 7 डॉक्टरों की टीम ने उन गांवों का दौरा किया जहां के बच्चे चमकी बुखार से पीड़ित हुए।
डॉक्टरों की जांच टीम फिलहाल इस नतीजे पर पहुंची है कि चमकी बुखार से वही बच्चे पीड़ित हुए जो कमजोर या कुपोषण के शिकार थे। शारीरिक रूप से मजबूत बच्चों को चमकी बुखार अपनी चपेट में नहीं ले पाया। जांच टीम इस नतीजे पर पहुंची है की ग्रामीण इलाके में एस्बेस्टस की छत के नीचे रहने वाले बच्चे इस बीमारी की चपेट में आए।
दिलचस्प बात यह भी है कि डॉक्टरों की जांच टीम ने लीची को चमकी बुखार का कारण नहीं बताया है। 7 सदस्यीय जांच टीम में डॉ हरजीत सिंह भट्टी, डॉ अजय वर्मा, डॉ एस सिंह, डॉ अमरनाथ यादव, डॉ अमरनाथ राय, डॉ चित्रांगदा सिंह और प्रिंस सागर शामिल हैं।
लीची नहीं एस्बेस्टस की छत है AES का कारण! डॉक्टरों की जांच टीम ने कुपोषण को बड़ी वजह बताया
MUZAFFARPUR : चमकी बुखार या AES के कारणों की जांच के लिए मुजफ्फरपुर और आसपास के प्रभावित जिलों में पहुंची डॉक्टरों की जांच टीम ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दिल्ली एम्स और पटना के 7

