ब्रेकिंग
जेडीयू कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार पर कार्यकर्ताओं ने की फूलों की बारिश, फादर्स डे पर पिता के पैर छूकर निशांत ने लिया आशीर्वादपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दजेडीयू कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार पर कार्यकर्ताओं ने की फूलों की बारिश, फादर्स डे पर पिता के पैर छूकर निशांत ने लिया आशीर्वादपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्द

अमित शाह को कमल हासन ने दे डाली चुनौती, तमिल और जलीकट्टू पर संघर्ष करेंगे

CHENNAI : हिंदी दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से दिए गए बयान को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। हिंदी को राष्ट्रभाषा बताए जाने को लेकर अमित शाह ने जो कुछ भी कहा

FirstBihar
Admin
2 मिनट
CHENNAI : हिंदी दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से दिए गए बयान को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। हिंदी को राष्ट्रभाषा बताए जाने को लेकर अमित शाह ने जो कुछ भी कहा उसका साउथ के सुपरस्टार कमल हासन ने भी विरोध किया है। कमल हासन ने अमित शाह को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि किसी के थोपे जाने से देश में एक भाषा लागू नहीं हो सकती, तमिल हमारी मातृभाषा है और जलीकट्टू से शुरू हुई लड़ाई असल में तमिल भाषा पर जाकर खत्म होगी। कमल हासन ने एक वीडियो जारी करते हुए तमिल के समर्थन में अपनी बात रखी है। इस वीडियो में कमल हासन यह कह रहे हैं कि चाहे कोई शाह हो या सुल्तान कोई उनसे भारतीय गणतंत्र बनने के वक्त किया गया वादा तोड़ नहीं सकता। 1950 में भारत गणतंत्र के गठन के वक्त यह वादा किया गया था कि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करते हुए उसे सुरक्षित रखा जाएगा।
रिपोर्टिंग
3

रिपोर्टर

3

FirstBihar संवाददाता