1st Bihar Published by: Updated Feb 16, 2022, 12:10:08 PM
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PATNA : यूक्रेन में जंग की स्थिति बनी हुई है. यहां रह रहे भारतीयों को जान की चिंता सता रही है. सबसे ज्यादा यहां पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट परेशान हैं. भारत के विभिन्न राज्यों के लगभग 20 हजार छात्र यहां की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं. इनमें बिहार के 1,000 हजार से ज्यादा स्टूडेंट शामिल हैं.
यूक्रेन में ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे बिहारी छात्र काफी परेशान हैं. यह छात्र पटना, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, आरा, बक्सर समेत कई अन्य जिलों के हैं. ताजा हालात को देखते हुए यह सभी छात्र अपने वतन और अपने प्रदेश लौटना चाहते हैं. लेकिन, उन्हें हवाई जहाज का टिकट मिलने में काफी दिक्कत हो रही है जिसके चलते इनकी चिंता बढ़ती जा रही है.
यूक्रेन में बिहार सहित देश भर के करीब 20 हजार छात्र फंसे हुए हैं. इनमें से बिहार के 1,000 हजार छात्र शामिल हैं. अधिकांश छात्र मेडिकल और कुछ यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने गए हैं. यूक्रेन में फंसे छात्रों और उनके परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी सही सलामत वापसी की मांग की है.
पूर्णिया के मो. नसीम, सीवान के शकिब खान, पटना के राकेश यादव, सूरज यादव, आरा के आलोक यादव सहित कई छात्र यूक्रेन के ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि बिहार के एक हजार से ज्यादा छात्र यूक्रेन में फंसे है. इन छात्रों का कहना है कि वैसे शहर के अंदर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है. लेकिन, हालात नाजुक होते जा रहे है जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही है इसलिए वो सभी भारत लौटना चाहते हैं.
इस समय फरवरी 27 और 28 तक का टिकट नहीं है, और यदि है भी तो उसकी कीमत डेढ़ लाख से दो लाख रुपये के बीच है. इसके अलावा टिकट कभी भी कैंसिल हो जा रही है और उसका पैसा भी एयरलाइन वापस नहीं लौटा रहा है, अलबत्ता उसके बदले उसे वॉउचर दे रहे हैं. भारत से पहले अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से अपने नागरिकों को यूक्रेन न जाने की सलाह दी जा चुकी है. यही नहीं, कुछ देशों ने तो अपने दूतावासों से गैर-जरूरी स्टाफ को वापस भी बुलाना शुरू कर दिया है.
बता दें कि यूक्रेन को लेकर दो सुपरपावर देश रूस और अमेरिका आमने सामने आ चुके हैं. अमेरिकी बॉम्बर यूरोप में गश्त लगा रहे हैं. वहीं रूस ने भी हाइपरसोनिक मिसाइलें तैनात कर दी हैं. मतलब रूस और अमेरिका के बीच टेंशन हाई है. युद्ध का काउंटडाउन शुरू है. रूस ने अपने एक लाख से ज्यादा सैनिक सीमा पर तैनात कर रखा है. सभी देशों ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की एडवाइजरी जारी की है.