तेजस्वी ने सीएम पद पर अपनी दावेदारी छोड़ी: विधानसभा में कहा-मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है, नीतीश जी के अंडर में ही काम करूंगा

तेजस्वी ने सीएम पद पर अपनी दावेदारी छोड़ी: विधानसभा में कहा-मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है, नीतीश जी के अंडर में ही काम करूंगा

PATNA: सीबीआई और ईडी के रेड से घिरे तेजस्वी यादव ने आज बड़ा एलान कर दिया है. बिहार विधानसभा में तेजस्वी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है. वे नीतीश कुमार के अंडर में काम करते रहेंगे. नीतीश कुमार ने जो काम सौंपा है उसे पूरा करेंगे. बता दें कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली दफे तेजस्वी यादव ने साफ साफ कहा है  कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है.


दरअसल तेजस्वी यादव को आज बिहार विधानसभा में पथ निर्माण विभाग के बजट पर बोलना था. लेकिन उनके भाषण का 90 परसेंट समय अपने घर हुई ईडी, सीबीआई की रेड पर सफाई देने में ही बीता. इसी दौरान तेजस्वी यादव ने सीएम पद से अपनी दावेदारी छोडने का एलान कर दिया. सदन में तेजस्वी ने कहा, 


“न हमको मुख्यमंत्री बनना है और ना नीतीश जी को प्रधानमंत्री बनना है. हम जहां है वहां खुश हैं. नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम रहे हैं, इसकी हमको खुशी है. मेरी कोई अपनी इच्छा नहीं है. हमसे ज्यादा भाग्यशाली कौन होगा. मेरे माता पिता दोनों मुख्यमंत्री रहे. हम उप मुख्यमंत्री रहे. विपक्ष के नेता रहे. और क्या चाहिये. अब हमको नीतीश जी ने जो मौका दिया उस पर खरा उतरना है. ये साबित करना है कि नीतीश जी ने जो निर्णय लिया वह सही लिया. कोई इधर उधर से बात करता है तो वह गलत बात नहीं किया करे. तरह-तरह की बातें होती हैं. कोई कुछ भी कहेगा लेकिन जब हम नीतीश जी के साथ खड़े हैं तो मजबूती के साथ खड़े हैं. डगमगाने वाले नहीं है.” 


बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद तेजस्वी यादव का सबसे बडा बयान है. अब तक राजद के कई नेताओं का बयान आ चुका है कि तेजस्वी यादव जल्द सीएम बनने वाले हैं. खुद तेजस्वी इस सवाल के जवाब में ये कहते थे कि अभी तो वे नीतीश जी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं. आगे क्या होगा इस सवाल को वे टाल दिया करते थे. अब पहली बार तेजस्वी यादव ने ये एलान किया है कि उन्हें सीएम नहीं बनना है. तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी के लोगों को सपना देखने दीजिये. अब टूटेगा महागठबंधन, तब टूटेगा गठबंधन. देखते रहिये .ये लोग क्या क्या करता है. सब जान न गया है बीजेपी वालों को . लकवा मारा हुआ है, बिढ़नी काटा हुआ है इनको. वैसा हाल हो गया. विषविषाता है, एकदम विषविषाये हुए लोग हैं. तुरंत कूद फांद करने लगते हैं. 


रेड बुल पीकर गाली दें बीजेपी वाले

तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी वालों को तो कोई काम तो है नहीं, किसी की सुनना तो है नहीं, काम से कोई मतलब रहता है नहीं. दिन भर इन लोगो का काम है नीतीश जी को गाली देना, हमको गाली देना. ये लोग और रेड बुल पीकर हमको गाली दें, और एनर्जी ड्रिंक पी लें. इनके गाली देने से कुछ होने वाला है नहीं. बीजेपी के पास न कोई चाल है, ना कोई चरित्र है, ना कोई चेहरा है और ना कोई नेतृत्व है. केवल असत्य और झूठ फैलाना, समाज को तोड़ना, नफरत की राजनीति करना. तेजस्वी यादव ने शायरी पढ़ी.


“लहजे में बदजुबानी, चेहरे पर नकाब लिये फिरते हैं

वो जिनके खुद के बही-खाते बिगडे हैं, वे मेरा हिसाब लिये फिरते हैं”

ईडी, सीबीआई में ही बीता भाषण


विधानसभा में तेजस्वी यादव को पथ निर्माण विभाग के बजट पर बोलना था. लेकिन वे ईडी और सीबीआई पर ही बोलते रहे. तेजस्वी ने कहा-बीजेपी वाले बोल रहे हैं ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स. कोई नया चीज है. 2017 में भी ऐसा ही अफवाह उठाया था.  इनके एक नेता है अफवाह मियां. दिन भर पीसी करना, दिन भर गरियाना. दिन भर पीसी करते हैं. पिछली बार 2017 में कहा कि मिट्टी घोटाला. कंफ्यूजन फैलाया. वही नेता बाद में संबंधित विभाग के मंत्री बने. उन्होंने मिट्टी घोटाले पर ही मिट्टी डाल दिया. जिन्हें उनकी पार्टी ने राजनीतिक रूप से दफन कर दिया वह उसी मिट्टी के नीचे दबे हुए हाथ पांव निकाल अपने आकाओं का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं.


तेजस्वी ने कहा-हम तो पूछ रहे हैं कि नया क्या बोल रहे हैं. जो आप बोल रहे हैं वह दो बार सीबीआई जांच करके बंद कर दिया. ईडी जांच करके बंद कर दिया. अफवाह मियां अपने आशियाना के बारे में नहीं बताते. आशियाना जो है उनका उसके बारे में बताना चाहिये. सीबीआई ने बुलाया है तो हम जायेंगे. लेकिन हमारे घर किस प्रकार से रेड पड़ा, क्यों पड़ा. असली डर 2024 का है. ये जान रहे हैं कि कहीं टिकने वाले नहीं हैं. इतने घबराहट में क्या-क्या नहीं कर रहे हैं.


तेजस्वी यादव ने कहा कि 2017 से मेरे खिलाफ जांच कर रहे हैं. 6 साल से क्या कर रहे थे. क्या हुआ. अब जब हम एक हो गये तो फिर से उनका तोता पिंजड़ा से बाहर आ गया. कोई काम तो किये नहीं. कोई एविडेंस है तो लाइये. इन लोगों ने कहा कि हमारे यहां से कितना करोड़ मिला. हम बोले कि पंचनामा तो दिखा दो. हमारे यहां से क्या बरामद हुआ. ये सब तो दिखाना नहीं है. इन लोगों का काम है केवल चरित्र हनन करना. बिहार में महागठबंधन की सरकार जनता की पसंद से बनी है. ये लोग हमें डायवर्ट करने में लगे पड़े हैं. इनकी कोशिश है कि हम लोग काम न करे. 20 लाख नौकरी की बात की थी उसे हमलोगों ने देना शुरू कर दिया है. इनको भी पता है कि कुछ नहीं है. फिर भी काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं. तेजस्वी ने फिर शायरी पढ़ा.


“वक्त से पहले हादसों से लड़ा हूं

मैं अपनी उम्र से कई साल बडा हूं”

तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी वालों को विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी याद नहीं आयेगा. अभी जो 80 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है. उस पर सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बिठा दी है लेकिन इनका तोता नहीं निकला है. मेरी बहन के घर, उनकी ननद के ससुराल वालों के घर रेड, गहना निकलवा लेना, फोटो खींचलेना. 25 जगह रेड पड़ा. हर घर में घर खर्च के लिए एक-दो लाख रूपया रहता है तो 50 लाख रूपया तो ऐसे ही हो गया. आधे घंटे में मेरे घर में ईडी का काम खत्म हो गया था लेकिन ईडी बैठी रही. हमने कहा-काम खत्म हो गया, पंचनामा बनाइये और जाइये. वे बोले-नहीं, उपर से आदेश आयेगा तो जायेंगे. मनीष सिसोदिया जी के यहां 14 घंटा बैठे हैं, आपके यहां 15 घंटा बैठने का आर्डर है.  रात के एक दो बजे लोग गये.


मुझे बेटी ही हो

तेजस्वी ने कहा कि मेरी पत्नी गर्भवती है. अब कल इतना रयूमर फैल गया कि बेटी हुई है. हम तो कहेंगे कि अच्छा है कि पहली बेटी ही हो, लक्ष्मी आये घर में. लेकिन, मेरी बीबी गर्भवती है. उसको बीपी का प्राब्लेम है. उसको एक जगह 15-15 घंटे बिठाना. हमने उसे बाद में हॉस्पीटल भेजा. खैर वह अलग विषय है लेकिन आप देखिये बहनों को ले आया गया है. मेरी बीबी को ले आया गया है. इतने निम्न स्तर की लड़ाई हो गयी है. अटलजी-आडवाणी जी थे तो ऐसा माहौल नहीं था. भले ही विचार में हम अलग थे. ये तो अलग माहौल है. ये तो राजनीतिक विद्वेष से भी ज्यादा एकदम पर्सनल हो गये हैं लोग. कोई नया कुछ एविडेंस नहीं. एक ही केस को तीन-चार बार जांच करके बंद कर दिया गया. जिसका पार्लियामेंट में भी जवाब दिया गया कि कुछ नहीं है. डीए केस हुआ हम लोगों के पूरे परिवार पर. जब डीए केस हमलोग जीत गये सुप्रीम कोर्ट से तब भी ये लोग लगे पड़े हैं. लेकिन इनलोगों का शातिरपना चलने वाला नहीं है. जब लालू जी नहीं डरे तो लालू जी का बेटा भी डरने वाला नहीं है. हम लोग समाजवादी लोग है, मेरे डरने और झुकने का सवाल पैदा नहीं होता. मैं कहूंगा-“मैं हूं उसका, वो है मेरा…बात है ठौर ठिकाने की, हमें क्या सदमा पहुंचेगा जब जनता हमारी यार बनी है.”


तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता सब देख रही है, जनता हमारे साथ है. इन लोगों के साथ क्या है. ये लोग तो बापू को भद्दी भद्दी गाली देते हैं, बापू की पुण्यतिथि पर जश्न मनाने वाले लोग है. इनको मुकुल राय, हेमंत विस्वा शर्मा, शुभेंदु अधिकारी नहीं नजर आता है. इनके पास वाशिंग मशीन है न. तुरंत आइये और अपना दाग मिटाइये. जहां जांच करनी चाहिये अडाणी की , वहां हिम्मत नहीं है. बताइये पार्लियामेंट में लाइन काट दिया सब. विपक्ष की आवाज को वहां भी दबाया जा रहा है. फिर एक नयी शायरी पढ़ी


“हम गरीबों को आगे बढ़ाये तो भ्रष्टाचार

वो अमीरों को भगायें तो शिष्टाचार”