1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Dec 24, 2021, 3:02:53 PM
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SUPAUL : 1934 के भूकंप में दो भागों में विभक्त मिथलांचल आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देखे हुए सपने से जुड़ रहा है. आज 86 साल बाद सुपौल के निर्मली और आसनपुर कूपहा के बीच ट्रेन का सीआरएस होने जा रहा है. इलाके के लोग 86 साल के बाद अपने इलाके में ट्रेन की सिटी सुनेंगे. आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के देखे हुए सपने ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर योजना के कारण आज यह सपना साकार हो रहा है.
इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी अहम योगदान है. 6 जून 2003 को रखी गयी आधारशिला पर जब आज ट्रेन दौड़ेगी तो ईलाके के लोगो की खुशी दोगुनी हो जाएगी. सरायगढ़-निर्मली रेलखंड पर आसनपुर-कुपहा से निर्मली तक बड़ी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा होते ही आज रेलवे द्वारा ट्रेन का स्पीड ट्रायल कराया जाएगा. स्पीड ट्रायल के साथ ही निर्मली से सरायगढ़ के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ने लगी है. स्पीड ट्रायल को लेकर विगत एक महीने से रेलवे के अधिकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक एवं स्टेशन का निरीक्षण किया जा रहा था.
रेलवे ने सार्वजनिक सूचना में स्पीड ट्रायल के समय सभी को रेलवे लाइन से दूर रहने की हिदायत दी है. इसके साथ ही समपार रेलवे क्रॉसिंग को पार करते समय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.वहीं स्टेशन पर भवनों की रंगाई-पुताई का काम भी चल रहा है.1934 के भूकंप के कारण छोटी लाइन की पटरी ध्वस्त हो गई थी और निर्मली-सरायगढ़ के बीच ट्रेन सेवा बंद हो गई थी. उसी समय से मिथिलांचल दो भागों में विभक्त है. 06 जून 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने निर्मली महाविद्यालय से कोसी नदी पर महासेतु का शिलान्यास किया था.