1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 25, 2024, 7:31:01 AM
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PATNA : मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में बिहार को कई सौगात मिली हैं। इनमें 26 हजार करोड़ रुपये के तीन एक्सप्रेस-वे, 21 हजार करोड़ रुपये का 2400 मेगावाट का एक पावर प्लांट, मेडिकल कॉलेज और कई एयरपोर्ट शामिल हैं। इसके साथ ही अब जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक बिहार में रेल अवसरंचना, संरक्षा और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए आम बजट में 10 हजार 33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
दरअसल, दानापुर और मुगलसराय रेलमंडल के बीच डीडीयू से झाझा के बीच 16 हजार करोड़ की लागत से तीसरी और चौथी लाइन बनेगी। यह बिहार के इतिहास में रेलवे की सबसे बड़ी परियोजना होगी। इस बात की जानकारी खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से दिया है। । वैष्णव ने बताया कि बिहार की रेल परियोजनाओं के लिए आम बजट 2024-25 में 10,033 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पूर्व की सरकार की तूलना में बिहार को नौ गुना अधिक राशि दी गई है।
रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में अभी 79356 करोड़ की 55 रेल परियोजनाएं चल रही हैं। राज्य के 92 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए भी राशि का आवंटन हुआ है। इसके बाद अब आम बजट में 10 हजार 33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत डीडीयू से झाझा के बीच 16 हजार करोड़ की लागत से तीसरी और चौथी लाइन बनेगी।
इधर, दानापुर के डीआरएम जयंत कुमार चौधरी ने बताया कि डीडीयू से झाझा तीसरी और चौथी लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो गया है। जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा। वहीं, भभुआ से दिलदारनगर के बीच 800 करोड़ की लागत से नई लाइन बनेगी। 35 किमी लंबाई वाले इस परियोजना का भी फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो गया है। इसमें दो आरओआर यानी रेल लाइन के ऊपर ब्रिज बनेगा, जिसपर ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बिहार में शत प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। केंद्र सरकार की आम बजट में उत्तर बिहार की रेल परियोजनाओं के लिए भी बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है। लेकिन, इसका विवरण अभी जारी नहीं हुआ है।