कार्तिकेय सिंह की जमानत याचिका खारिज, पूर्व मंत्री अब जाएंगे जेल

कार्तिकेय सिंह की जमानत याचिका खारिज, पूर्व मंत्री अब जाएंगे जेल

PATNA : पटना से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है बिहार के पूर्व विधि मंत्री कार्तिकेय सिंह की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज किया है। दानापुर कोर्ट ने अपहरण के मामले की सुनवाई करते हुए फैसले को सुरक्षित रखा था। कार्तिकेय कुमार के वकील जनार्दन राय ने खुद इस बात की जानकारी दी थी। जिस पर अब कोर्ट का फैसला आ चुका है। बता दें कि 2015 और 2017 में भी उनकी जमानत याचिका रद्द हुई थी। 


बता दें, कार्तिकेय कुमार के वकील जनार्दन राय ने अपनी बात रखने का समय मांगा था। इस पर जज ने उन्हें शाम तक अपनी बात रखने को कहा था। शाम 4. 30 बजे कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दरअसल, पूर्व मंत्री कार्तिकेय कुमार की आज दानापुर कोर्ट में पेशी थी, लेकिन वे पेश नहीं हो सके थे। कार्तिकेय कुमार के वकील कोर्ट में बात रखी। पूर्व मंत्री कार्तिकेय सिंह की जमानत याचिका को दानापुर कोर्ट ने खारिज कर दिया है। लोक अभियोजक मोहम्मद कलाम अंसारी ने बताया कि कई बिंदुओं पर बहस के बाद कोर्ट ने कार्तिकेय कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है।


बता दें कि 2014 में राजीव रंजन को अगवा कर लिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कार्तिकेय सिंह के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है। इसको लेकर आज दानापुर कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। पूर्व विधि मंत्री कार्तिकेय सिंह की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब कार्तिकेय सिंह को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। 


गौरतलब है कि कार्तिक कुमार उर्फ कार्तिकेय सिंह नीतीश कैबिनेट में आरजेडी कोटे से कानून मंत्री बनाए गए। कार्तिकेय बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। कार्तिक कुमार को कार्तिक मास्टर के नाम से भी लोग जानते हैं। पटना के बिहटा में 2014 में एक अपहरण का मामला दर्ज हुआ। जिसमें अनंत सिंह और कार्तिकेय आरोपी  हैं। जिस दिन उन्हें राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेनी थी उसी दिन कोर्ट में भी सरेंडर करना था। 


इसे बीजेपी ने मुद्दा बनाया और सरकार को घेरने का काम किया। इसे लेकर बीजेपी आए दिन हमला बोल रही थी। सरकार पर बन रहे दवाब के बाद कानून मंत्री से हटाकर कार्तिक कुमार गन्ना उद्योग मंत्री का पद की जिम्मेदारी दी गयी। मुख्यमंत्री ने उनका विभाग ही बदल दिया। लेकिन विभाग बदले जाने के कुछ घंटे बाद ही कार्तिक कुमार ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। कार्तिक के इस्तीफे के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता को गन्ना उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कार्तिक के विवादों में आने के बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका विभाग बदल दिया था।