1st Bihar Published by: Updated Thu, 18 Nov 2021 10:16:16 AM IST
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पटना : इस साल कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर को है. सनातन धर्म में इस दिन का बहुत ज्यादा महत्व होता है. इस दिन गंगा स्नान के साथ ही दीपदान और पूजा का विशेष स्थान होता है. इस बार पूर्णिमा 18 नवंबर की रात 12 बजकर 02 मिनट पर ही शुरू हो जाएगी. यह 19 नवंबर को दोपहर दो बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसी मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता धरती पर आते हैं और गंगा स्नान करते हैं. पूर्णमा के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी माना जाता है. यूं तो त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेष) की पूजा की जाती है लेकिन भगवान कृष्ण और राधा की पूजा की परंपरा भी रही है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया दान का फल दोगुना मिलता है. कुछ जगहों पर इसी दिन तुलसी और शालिग्राम का विवाह भी कराया जाता है.
आपको बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ के लेकर पटना नगर निगम ने घाटों की बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया है. नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने सभी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को तत्काल इसे पूर्ण करने का निर्देश दिया है. नगर आयुक्त के निर्देश पर बांकीपुर अंचल ने सीढ़ी वाले आठ घाटों पर गंगा स्नान की व्यवस्था की है. एलसीटी घाट पर गंगा स्नान की व्यवस्था नहीं हो सकती है. राजापुर पुल घाट सहित कई अन्य घाटों पर गंगा स्नान की व्यवस्था की जा रहा है. पटना सिटी और अजीमाबाद अंचल भी गंगा घाटों पर स्नान की तैयारी में जुटा है. कंगनघाट पर भी स्नान की व्यवस्था की जा रही है.
वहीं निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन के स्तर पर हर घाट पर दंडाधिकारी और फोर्स की व्यवस्था की गई है. गंगा के अंदर एनडीआरएफ और एसटीआरएफ रहती है.