1st Bihar Published by: Updated Sat, 05 Dec 2020 08:11:56 AM IST
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PATNA : एक तरफ कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर सरकार लगातार दावे कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को सामने मिल रही है. पटना में प्रशासन कोरोना को लेकर कितना सजग है इसका उदाहरण नेहरु नगर के वसुंधरा अपार्टमेंट में देखने को मिला.
इस अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले पर एक डॉक्टर का परिवार रहता है. इस परिवार के चार सदस्य 17 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.15 दिन तक प्रशासन ने किसी तरह की सुध नहीं ली. जब उसमें से दो लोग कोरोना निगेटिव हो गए तब प्रशासन की नींद खुली और उस अपार्टमेंट को कंटेंनमेंट जोन बना दिया गया. बाकि के दो मरीजों के भी पॉजिटिव हुए 15 दिन से अधिक हो गए और अब उनके संक्रमण फैलने का खतरा लगभग खत्म हो चुका है. लेकिन प्रशासन ने अब इसे कंटेमेंट जोन घोषित कर दिया है.
6 दिसंबर को इस अपार्टमेंट के पहले तल्ले पर रहने वाले एक परिवार के घर में बेटी की शादी है और अब इसे कंटेमेंट जोन घोषित किया गया है. इसके बाद से पूरा परिवार डरा है कि कहीं प्रशासन शादी के दिन आकर कोई बाधा न डाल दे. वहीं कोरोना संक्रमित हुए डॉक्टर ने कहा कि प्रशासन के कर्मचारी जब बांस-बल्ला लगा रहे थे तो कोरोना निगेटिव होने की बात बताई गई लेकिन किसी ने एक न सुनी.