1st Bihar Published by: Updated Tue, 27 Apr 2021 09:58:11 AM IST
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PATNA : बिहार में कोरोना का डर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि शराब तस्कर भी अब अंडरग्राउंड हो गए हैं. मार्च में जहां 3.70 लाख लीटर से भी अधिक शराब पकड़ी गई थी वहीं, अप्रैल में पहले पखवारे तक उत्पाद विभाग ने महज 43-45 हजार लीटर शराब ही पकड़ी है. मार्च का अगर औसत निकाला जाए तो हर दिन करीब 14 हजार लीटर शराब पकड़ी जाती थी लेकिन अप्रैल में यही औसत घटकर मुश्किल से 3 हजार लीटर पर आ पहुंची है.
मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसका बड़ा कारण फरवरी और मार्च महीने में शराब तस्करों पर की गई बड़ी कार्रवाई है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बंगाल के बड़े शराब तस्करों को पकड़े जाने का ही असर है कि बिहार में शराब की आवक कम हुई है. मार्च में होली और पंचायत चुनाव की आहट को लेकर भी डिमांड ज्यादा थी मगर पुलिस और मद्य निषेध की कार्रवाई ने तस्करों की कमर तोड़ दी.
पिछले महीने पुलिस ने शराब तस्करी रोकने के लिए मिशन होम डिलीवरी भी शुरू किया था. इसमें पकड़े गए शराब तस्करों की निशानदेही पर घर पर शराब मंगाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की गई थी. इसका असर यह हुआ कि होम डिलीवरी में कमी आई. जो बचे वह संक्रमण के डर से अब शराब नहीं मंगा रहे हैं.