1st Bihar Published by: 9 Updated Tue, 09 Jul 2019 02:54:28 PM IST
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PATNA: केंद्र की एनडीए सरकार की भागीदार जेडीयू की कई मामलों में केंद्र सरकार से अलग राय है. अब रेलवे के निजीकरण की कोशिशों का नीतीश कुमार ने विरोध किया है. नीतीश कुमार ने कहा कि रेलवे का केंद्रीय स्वरुप बरकरार रखा जाना चाहिए. रेलवे पर नीतीश का अलग राग देश हित कई मामलों में अलग राय रखने वाली जेडीयू का रेलवे के मामले में अलग राय रखना केंद्र की बीजेपी सरकार के लिए किसी झटके से कम नहीं है. चाहे वो जम्मू और कश्मीर का मामला हो या फिर ट्रिपल तलाक का मामला इन सभी मामलों में जेडीयू की बीजेपी से अलग राय ही रही है. अब रेलवे को लेकर भी सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से अलग राय रखी है. निजी हाथों में रेलवे का जिम्मा ? अभी पिछले दिनों ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे के कायाकल्प के लिए कुछ इलाकों में उसके संचालन का जिम्मा निजी क्षेत्रों के हाथों में देने की घोषणा की थी. साथ ही वित्तमंत्री ने रेलवे में निजी भागीदारी की खुलकर वकालत की. कुछ एक इलाकों में रेलवे के परिचालन का जिम्मा भी निजी क्षेत्रों को सौंपने की बात कही थी. नीतीश कुमार सहमत नहीं लेकिन केंद्रीय वित्तमंत्री के भाषण के ठीक उलट सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि देश को जोड़ने में भारतीय रेलवे का योगदान है. उन्होंने कहा कि रेलवे का सरकारी स्वरुप बरकरार रखा जाना चाहिए. साथ ही नीतीश कुमार ने कहा कि रेलवे का पीपीपी मोड पर विकास होना चाहिए.