1st Bihar Published by: Updated Nov 15, 2020, 6:04:40 PM
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PATNA : विधानसभा चुनाव में जेडीयू के हार का बड़ा कारण बनने वाले चिराग पासवान को क्या केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिलेगी यह बड़ा सवाल बना हुआ है. बिहार चुनाव खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें केंद्रीय कैबिनेट में होने वाले विस्तार पर जा टिकी हैं. माना जा रहा है कि बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली में भी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है. नीतीश कुमार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले और उन्हें जबरदस्ती देने वाले चिराग पासवान को क्या केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिलेगी, इसे लेकर बीजेपी के नेताओं की तरफ से आ रहे संकेतों को समझा जा सकता है.
मोदी कैबिनेट में शामिल बीजेपी सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे की मानें तो चिराग पासवान का एनडीए गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ना, बिहार में घाटे का सौदा रहा. अश्विनी चौबे का कहना है कि अगर बिहार में चिराग पासवान की एलजेपी एनडीए के साथ चुनाव लड़ती तो यहां हमें दो तिहाई बहुमत मिलता लेकिन हकीकत यह है कि चिराग पासवान के अलग लड़ने से स्थितियां बदल गई.
अश्विनी चौबे से जब यह पूछा गया कि क्या चिराग पासवान को केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिल सकती है तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. पीएम मोदी से चाहेंगे वह केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होगा. लेकिन उनकी व्यक्तिगत राय यह है कि जो भूल हो चुकी है, उसे सुधारने की जरूरत है.
अश्विनी चौबे ने कहा कि पहले भी बिहार से आने वाले बड़े चेहरों को केंद्रीय कैबिनेट में प्रधानमंत्री ने शामिल किया था, रामविलास पासवान भी उनमें शामिल थे.
चिराग पासवान के एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछे जाने पर अश्विनी चौबे ने कहा कि सभी दल और उसके नेता अपनी सफलता के लिहाज से राजनीति करते हैं. चिराग पासवान ने भी वही किया कई बार लोग धैर्य का परिचय देते हैं और कई बार आक्रोशित भी हो जाते हैं लेकिन मकसद चुनाव में जीत हासिल करना होता है. अश्विनी चौबे ने यह भी कहा है कि बिहार में जो कुछ हुआ, उसे जल्द ठीक करने की जरूरत है.